इन सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में होगी तगड़ी बढ़ोतरी! इस दिन से लागू हो सकता है नया वेतनमान, वित्त मंत्रालय ने दिए निर्देश
नई दिल्ली। देश के अलग-अलग सरकारी बैंकों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। उनके वेतन में बढ़ोतरी की तैयारी शुरू हो गई है। दरअसल, केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को निर्देश दिया है कि 13वें द्विपक्षीय वेतन समझौते के लिए कर्मचारी यूनियनों के साथ बातचीत जल्द शुरू की जाए और इसे तय समयसीमा में पूरा किया जाए। सरकार ने इसके लिए 12 महीने यानी एक साल का समय तय किया है। सरकार ने इस बार साफ संकेत दिए हैं कि वेतन समझौते में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर सबकुछ ठीक रहा तो अगले वर्ष कर्मचारियों की सैलरी में बंपर इजाफा हो सकता है।
आमतौर पर पब्लिक सेक्टर बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस हर पांच साल में अपने कर्मचारियों की सैलरी रिवाइज करते हैं। इसमें इंश्योरेंस कंपनियां भी शामिल होती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकारी बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए अगल वेज रिवीजन 1 नवंबर 2027 से लागू होना है। इस पूरी प्रक्रिया की बात करें तो इसमें इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) कर्मचारियों की यूनियनों और एसोसिएशनों के साथ बातचीत करता है और आपसी सहमति से वेज एग्रीमेंट तय किया जाता है।
सेटलमेंट क्यों जरूरी है?
अगर समय पर वेज सेटलमेंट होता है तो बैंकिंग सिस्टम में स्थिरता बनी रहती है और कर्मचारियों में असंतोष नहीं बढ़ता है। इसी वजह से डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने बैंकों के प्रमुखों से कहा है कि वे बातचीत की तैयारी शुरू करें। 20 अप्रैल को जारी निर्देश में साफ कहा गया है कि पूरी प्रक्रिया अधिकतम 12 महीनों में पूरी हो जानी चाहिए, ताकि कोई देरी न हो। पिछले अनुभव से सबक मिला है कि कई बार वेज सेटलमेंट तो हो जाता है, लेकिन उससे जुड़े नियमों में बदलाव देर से लागू होते हैं। इससे कर्मचारियों को समय पर फायदा नहीं मिल पाता है, लेकिन इस बार कोशिश है कि वेज नेगोशिएशन पहले ही पूरा कर लिया जाए और जरूरी नियमों में बदलाव भी टाइम से पहले कर दिए जाएं , ताकि तय तारीख से ही नया वेतन लागू हो सके औ कर्मचारियों को उनका हक मिल सकें।
बैंक कर्मचारियों के लिए राहत भरा फैसला
सरकार का मानना है कि बैंकिंग क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ऐसे में अगर कर्मचारियों को सही समय पर और उचित वेतन मिलता है, तो उनका मनोबल बढ़ता है और वे बेहतर तरीके से काम कर पाते हैं। यह कदम बैंक कर्मचारियों के लिए राहत भरा है और आने वाले समय में उनकी सैलरी बढ़ने की उम्मीद को मजबूत करता है।



