हेल्थ

आलू के छिलके फेंकने की गलती मत करना कचरा समझकर जिसे फेंका, उसमें छिपा है सेहत का ‘पावरप्ले’

हेल्थ, हम अक्सर आलू छीलकर उसके सबसे कीमती हिस्से को डस्टबिन में डाल देते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट की मानें तो यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे किसी मैच में  आखिरी ओवर से पहले अपने सबसे अच्छे फिनिशर को बाहर बैठा देना। आलू के छिलके सिर्फ बेकार की परत नहीं, बल्कि फाइबर, पोटेशियम और आयरन का पावरहाउस हैं। अगर आप इसे छिलके समेत खाते हैं, तो आप शरीर को वो जरूरी फ्यूल दे रहे हैं जिसकी उसे सबसे ज्यादा जरूरत है।

आलू के छिलके खाने के 4 बड़े फायदे

आलू के छिलके को डाइट में शामिल करना आपकी सेहत के लिए एक बड़ा स्कोर हो सकता है। यहाँ इसके मुख्य फायदे दिए गए हैं:

हड्डियों की मजबूती: इसमें कैल्शियम, कॉपर और आयरन जैसे मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। यह हड्डियों की डेंसिटी को बनाए रखने में मदद करता है।

एनर्जी बूस्टर: छिलके में विटामिन B3 (Niacin) पाया जाता है। यह न्यूट्रिएंट्स को एनर्जी में बदलने का काम करता है, जिससे आप पूरे दिन एक्टिव महसूस करते हैं।

कंट्रोल होगा ब्लड प्रेशर: इसमें पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है। पोटेशियम शरीर से एक्स्ट्रा सोडियम को बाहर निकालता है, जिससे बीपी नॉर्मल रहता है।

वेट लॉस में मददगार: छिलके में मौजूद हाई-फाइबर आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है। इससे आप अनहेल्दी स्नैक्स खाने से बच जाते हैं।

“आलू के छिलके में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। इसे फेंकना पोषण के लिहाज से एक बड़ी चूक है।”

— डाइटिशियन क्लिनिक रिपोर्ट

सावधानी: कैसे खाएं छिलके समेत आलू?

छिलके के फायदे तभी मिलेंगे जब आप इसे सही तरीके से तैयार करेंगे। गंदगी और कीटनाशकों को हटाना सबसे महत्वपूर्ण स्टेप है।

अच्छी तरह धोएं: आलू को पकाने से पहले ठंडे पानी और ब्रश से रगड़कर साफ करें ताकि मिट्टी पूरी तरह निकल जाए।

हरे आलू से बचें: अगर आलू का छिलका कहीं से हरा दिख रहा है, तो उसे न खाएं। इसमें सोलेनाइन (Solanine) नाम का टॉक्सिक तत्व हो सकता है।

बेक या रोस्ट करें: छिलके का असली स्वाद बेक करने या एयर-फ्राई करने पर निखर कर आता है।

न्यूट्रिशन एनालिसिस: 

आलू को ‘सब्जियों का राजा’ कहा जाता है, लेकिन बिना छिलके के यह सिर्फ एक हाई-कार्ब डाइट बनकर रह जाता है। छिलका जोड़ने से इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स संतुलित होता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए भी इसे सुरक्षित बनाता है (सीमित मात्रा में)। भविष्य में जब भी आप सब्जी या फ्राइज बनाएं, तो छिलकों को साथ रखें। यह न केवल स्वाद को कुरकुरा बनाएगा बल्कि आपकी रिकवरी और मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट देगा।

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