कोरबाछत्तीसगढ़

रेत के कारोबार पर गरमायी राजनीति- पूर्व मंत्री के बयान पर श्रम मंत्री देवांगन ने कहा…’न मेरे पास ट्रेक्टर है न ट्रक’…वो अपने जैसे ठेकेदार समझते है क्या !

कोरबा। कोरबा में रेत के कारोबार को लेकर श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल आमने-सामने हो गये है। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के बयान पर मंत्री लखनलाल देवांगन ने पलटवार किया है। उन्होने कहा कि….न मेरे पास एक ट्रेक्टर है न ट्रक है….वो अपने जैसे ठेकेदार अब मेेरे को भी समझ रहे है क्या ? वहीं मंत्री के भाई और भतीजे पर पैसे वसूलने के आरोप पर भी मंत्री देवांगन ने पलटवार करते हुए कहा कि….जाकर के कहीं पर भी वो प्रूफ करे कि मेरा भतीजा राखड़ डेम में पैसा वसूलता है, मेरे भतीजे के पास कितना ट्रक है, क्या वो मुड़ (सिर) में बालू सप्ताई करेगा ?

छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के बाद भी रेत का अवैध कारोबार किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में इसी रेत के कारोबार को लेकर कोरबा जिले में इन दिनों राजनीति गरमायी हुई है। दरअसल पिछले दिनों बालको क्षेत्र में लघु व्यवसायियों को दुकान हटाने की नोटिस दिए जाने के बाद पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल उनके समर्थन में पहुंचे थे। यहां उन्होने कारोबारियों को अपना समर्थन देने के साथ ही उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया गया। पूर्व मंत्री अग्रवाल यहीं नही रूके उन्होने मंत्री पर रेत के कारोबार में व्यस्त होने के साथ ही भाई-भतीजा पर राखड़ बांध से पैसा वसूली का गंभीर आरोप लगाया था।

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के इस बयान पर अब श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने पलटवार किया है। मीडिया के सवाल पर मंत्री देवांगन ने कहा कि बालको में किसी भी व्यापारी का दुकान नहीं हट रहा है। उन्होने कहा कि…..महापौर ने प्रबंधन को पहले ही कह दिया है कि व्यवस्थापन के पूर्व किसी भी दुकान को नही हटाया जायेगा। आगे उन्होने कहा कि…. और पूर्व मंत्री जी जो बयान बाजी कर हरे है, तो बयान बाजी के बारे में क्या बताउं…..मेरे को ही बोल रहे है कि बालू का ठेकेदारी कर रहे है। न मेरे पास एक ट्रेक्टर है न ट्रक है….वो अपने जैसे ठेकेदार अब मेेरे को भी समझ रहे है क्या ?

राखड़ डेम से पैसा वसूलने के आरोप पर मंत्री देवांगन ने कहा कि……जाकर के कहीं पर भी वो प्रूफ करे कि मेरा भतीजा राखड़ डेम में पैसा वसूलता है, मेरे भतीजे के पास कितना ट्रक है, क्या वो मुड़ (सिर) में बालू सप्ताई करेगा ? पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के बयान के बाद मंत्री लखन देवांगन के इस पलटवार ने एक बार फिर जिले की राजनीति को गरमा दिया है। बालको के छोटे दुकानदारों के समर्थन को लेकर शुरू हुई ये राजनीति, अब रेत के कारोबार पर जा टिकी है। कोरबा की इस सियासी जंग ने साफ कर दिया है कि रेत का कारोबार अब सिर्फ आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई बन चुका है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच असली सवाल यही है कि अवैध कारोबार पर लगाम कब लगेगी और जिम्मेदारी कौन लेगा ? फिलहाल दोनों नेताओं की बयानबाजी से माहौल और गरमाने के आसार हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button