
रायपुर। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण निर्णय राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) लागू करने की दिशा में समिति गठन का है। इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश करेंगी।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, इस समिति के अन्य सदस्यों का चयन मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। समिति का मुख्य उद्देश्य राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए आवश्यक कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन करना और अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपना होगा।
सरकार का मानना है कि समान नागरिक संहिता लागू करने से समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा और सभी वर्गों के लिए समान कानून सुनिश्चित किया जा सकेगा। इस संबंध में राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह कदम सामाजिक समरसता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
डिप्टी सीएम ने यह भी संकेत दिया कि समिति केवल आंतरिक अध्ययन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आम जनता और विभिन्न सामाजिक संगठनों से भी फीडबैक आमंत्रित कर सकती है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रस्तावित कानून व्यापक जनहित और सामाजिक वास्तविकताओं के अनुरूप हो।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, समिति अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगी। इसके बाद रिपोर्ट को कैबिनेट की अनुशंसा के आधार पर राज्य विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। विधानसभा में चर्चा और आवश्यक संशोधनों के बाद ही राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल कानूनी सुधार की दिशा में अहम होगा, बल्कि सामाजिक ढांचे में भी व्यापक बदलाव ला सकता है। हालांकि, इस विषय पर विभिन्न वर्गों के अलग-अलग मत भी सामने आ सकते हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहले चरण में समिति गठन का रास्ता चुना है।
इस फैसले के साथ छत्तीसगढ़ उन राज्यों की सूची में शामिल हो सकता है, जहां समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है।



