
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। बीरगांव स्थित एक ईंट भट्ठे से मंगलवार सुबह करीब 6 बजे तीन नाबालिग बच्चियों को रेस्क्यू किया गया। सभी बच्चियों की उम्र 14 वर्ष से कम बताई गई है।
प्रशासन के अनुसार, रेस्क्यू के बाद तीनों बच्चियों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस मामले में ईंट भट्ठा मालिक के खिलाफ बाल श्रम निषेध अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस अभियान में जिला बाल संरक्षण इकाई, श्रम विभाग और सामाजिक संगठनों की टीम शामिल रही। कार्रवाई में माधुरी शर्मा, संजय निराला, गोरखनाथ पटेल, अभिमन्यु भरिया और विपिन ठाकुर सहित कई अधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



