
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नशे के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। गांजा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने कुख्यात तस्कर रवि साहू की अवैध संपत्तियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।पुलिस सूत्रों के अनुसार, रवि साहू की करीब 7.50 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए SAFEMA (स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट) के तहत मुंबई स्थित सक्षम न्यायालय को प्रतिवेदन भेजा गया है।
रवि साहू को राज्य का सबसे बड़ा गांजा तस्कर माना जाता है। उसके खिलाफ अब तक कुल 55 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें अधिकांश मामले मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े हुए हैं।पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि उसने गांजा तस्करी के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की है। सूत्रों के मुताबिक, रवि साहू ने करीब 12 करोड़ रुपये की कमाई इसी अवैध कारोबार से की।
परिवार के नाम पर खरीदी संपत्ति
पुलिस को जांच के दौरान यह जानकारी मिली कि आरोपी ने अपनी अवैध कमाई से पत्नी, बेटे और मां के नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्तियां खरीदी थीं। अब इन संपत्तियों को चिन्हित कर अटैच करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि अवैध कमाई पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
जानकारी के मुताबिक, रायपुर के कालीबाड़ी इलाके से रवि साहू का मुख्य नेटवर्क संचालित होता था। यहीं से वह राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गांजा सप्लाई करता था। इसके अलावा प्रदेश के बाहर भी उसकी तस्करी की गतिविधियां फैली हुई थीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के तहत रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिसमें तस्कर की संपत्ति अटैच करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।इस कदम का उद्देश्य केवल आरोपी को सजा दिलाना ही नहीं, बल्कि उसकी अवैध कमाई को भी जब्त करना है, ताकि इस तरह के अपराधों को जड़ से खत्म किया जा सके।
नशे के खिलाफ सख्त रुख
पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे तस्करों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि अवैध संपत्ति बनाकर कानून से बचने की कोशिश करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।



