
खाद कटौती और डीजल संकट पर प्रदेशव्यापी आंदोलन का किसानों ने फूँका बिगुल
आरंग। खेती-किसानी का सीजन शुरू होने से ठीक पहले शासन द्वारा रासायनिक खाद की आपूर्ति में की गई भारी कटौती और ग्रामीण क्षेत्रों में गहराते डीजल संकट ने आरंग क्षेत्र के किसानों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। श्रवण चन्द्राकर ने बताया कृषि विश्वविद्यालय की विवादास्पद अनुशंसा के बाद खाद की मात्रा घटाए जाने के फैसले को लेकर बुधवार को ग्राम खौली में किसानों की एक विशाल महापंचायत आयोजित की गई। इस बैठक में मौजूद किसानों ने दो टूक शब्दों में शासन-प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि पूर्व की खाद-बीज वितरण व्यवस्था को तत्काल बहाल नहीं किया गया, तो आगामी 20 मई को विधायक निवास का घेराव किया जाएगा, जिसके बाद यह आंदोलन राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास तक पहुंचेगा।
खौली महापंचायत में जुटे किसानों और किसान नेताओं ने इस सरकारी निर्णय को खेती को बर्बाद करने वाला बताया। भूपेन्द्र शर्मा ने कहा कि एक तरफ सरकार खेती को लाभ का धंधा बनाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर पर्याप्त जैविक विकल्प उपलब्ध कराए बिना रासायनिक खाद की मात्रा कम कर दी गई है। इससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है, जिससे किसान कर्ज के जाल में फंस सकता है। बैठक में इस बात पर गहरा रोष जताया गया कि भीषण गर्मी के बीच किसान खाद और डीजल के लिए सोसायटियों और पेट्रोल पंपों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है।आंदोलन की रूपरेखा तय करते हुए किसान नेताओं ने निर्णय लिया है कि पहले चरण में सोसायटियों के सामने शांतिपूर्ण धरना देकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसकी जिम्मेदारी स्थानीय जागरूक युवाओं और पंचायत प्रतिनिधियों को सौंपी गई है।

किसानों ने स्पष्ट किया कि यह किसी एक दल की नहीं बल्कि समूचे किसान जगत की लड़ाई है, इसलिए राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर ग्राम खौली, टेकारी, कठिया, भानसोज सहित दर्जनों गांवों के प्रतिनिधि एकजुट हो चुके हैं। बैठक के पश्चात जिला पंचायत सदस्य वतन चन्द्राकर व किसान नेता पारस नाथ साहू के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी आरंग(एसडीएम) को मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहब के नाम ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था सुधारने की अंतिम मोहलत दी गई है।उक्त बैठक में किसान नेता गोविंद चन्द्राकर,श्रवण चन्द्राकर,जनक राम आवड़े,द्रोण चन्द्राकर,मोनू चन्द्राकर,चिंता राम वर्मा,हिरेश चन्द्राकर, कमल चन्द्राकर, धनाजिक चन्द्राकर सहित क्षेत्र के अनेक किसान,ग्रामीणजन एवम युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




