आरंगछत्तीसगढ़

खाद कटौती के विरोध में किसानों का रीवा में शांतिपूर्ण धरना, पूर्ववत उर्वरक वितरण की मांग

खाद कटौती के विरोध में किसानों का रीवा में शांतिपूर्ण धरना, पूर्ववत उर्वरक वितरण की मांग

आरंग। ग्रामीण सेवा सहकारी समिति रीवा पं.क्र. 1527 अंतर्गत आने वाले ग्राम कुकरा, रसनी एवं रीवा के किसानों ने प्रति एकड़ रासायनिक खाद की मात्रा में की गई कटौती के विरोध में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन से पूर्ववत खाद उपलब्ध कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव से के नाम से समिति प्रबंधक जगदीश साहू को ज्ञापन सौपा।

इस अवसर पर किसानों ने कहा कि नई उर्वरक अनुशंसा से खेती की लागत बढ़ेगी और उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा, जिससे किसान आर्थिक संकट में आ जाएंगे। किसानों का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा कृषि विश्वविद्यालय एवं वैज्ञानिक अनुसंधान की अनुशंसा के आधार पर फसलवार रासायनिक खाद की मात्रा घटा दी गई है। नई व्यवस्था के तहत प्रति एकड़ केवल 1 बोरी यूरिया, आधा बोरी डीएपी, 1 बोरी पोटाश, 2 बोतल नैनो यूरिया एवं 1 बोतल नैनो डीएपी देने का प्रावधान किया गया है। जबकि वर्षों से किसान प्रति एकड़ 2 बोरी यूरिया, 2 बोरी डीएपी और 1 बोरी पोटाश का उपयोग करते आ रहे हैं।धरना स्थल पर किसानों ने कहा कि एक समय शासन-प्रशासन ने अधिक अन्न उपजाओ का नारा देकर रासायनिक खाद के उपयोग को बढ़ावा दिया था, लेकिन अब अचानक खाद की मात्रा में कटौती कर दी गई है। इससे फसल उत्पादन घटने की आशंका है और किसानों को निजी दुकानों से महंगे दामों पर खाद खरीदने मजबूर होना पड़ेगा। किसानों ने इसे खेती को घाटे का सौदा बनाने वाला निर्णय बताया।इस दौरान सहकारी समिति रीवा के शेयर होल्डर एवं क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य वतन चन्द्राकर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अन्नदाता की मेहनत और उसकी जरूरतों को नजरअंदाज कर कोई भी नीति सफल नहीं हो सकती। किसान पहले से ही महंगी खेती, डीजल, बीज और मौसम की मार से परेशान है, ऐसे समय में खाद की मात्रा कम करना किसानों के साथ अन्याय है। सरकार को जमीन की वास्तविक स्थिति समझते हुए तत्काल पूर्ववत खाद वितरण व्यवस्था लागू करनी चाहिए। किसान हितों की रक्षा के लिए हम हर स्तर पर आवाज उठाते रहेंगे।किसानों ने शासन से मांग की कि पूर्व की भांति पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाए ताकि खेती-किसानी प्रभावित न हो और किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाई और चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

विदित हो कि इससे पहले 15 मई को भानसोज सोसायटी में भी किसानों द्वारा खाद कटौती के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया ।धरना में मुख्य रूप से दौलत साहू पूर्व अध्यक्ष सहकारी समिति रीवा,हरि बंजारे,सुकुल साहू दिलीप कुर्रे,रमेश चन्द्राकर,अश्वनी चन्द्राकर,शोभाराम साहू,संतोष साहू,बेनु राम साहू,बिष्णु साहू,घनाराम साहू,मेघनाथ साहू,हेमलाल साहू,हेमू, मिलु, नोहर सिन्हा, प्रदीप साहू संतोष चन्द्राकर, मोरज चन्द्राकर, चन्द्प्रकाश चन्द्राकर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित दर्ज कराकर अपनी नाराजगी जताई।

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