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रात में सीने और गले में तेज जलन की क्या है असली वजह? जानिए ठंडे दूध का भ्रम और इसका वैज्ञानिक इलाज

नई दिल्ली। देर रात अचानक सीने और गले में तेज जलन के साथ नींद टूट जाना शहर के हजारों लोगों की आम समस्या बन चुकी है। अक्सर लोग इसे केवल पेट की गैस या रात के खाने का असर मानकर घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं। हालांकि, चिकित्सा विशेषज्ञों और  गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी शोध के अनुसार, यह समस्या सिर्फ हाइड्रोक्लोरिक एसिड की वजह से नहीं होती, बल्कि इसके पीछे मुख्य अपराधी पेप्सिन (Pepsin) नामक एक पाचक एंजाइम है।

जलन का असली विज्ञान: पेप्सिन और GERD का कनेक्शन

गले और छाती में होने वाली यह असहनीय जलन गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) का सीधा लक्षण है। जब पेट का अंदरूनी वाल्व (Lower Esophageal Sphincter) कमजोर पड़ता है, तो पेट का एसिड और पेप्सिन एंजाइम भोजन नली (Esophagus) के रास्ते ऊपर गले तक आ पहुंचते हैं।

पेप्सिन मूल रूप से प्रोटीन पचाने का काम करता है। लेकिन जब यह रिवर्स फ्लो होकर गले के कोमल ऊतकों (Sensitive Tissues) पर जमा हो जाता है, तो वहां चिपक जाता है। इसके बाद आप जब भी कोई हल्की एसिडिक चीज़ (जैसे चाय, कॉफी या खट्टे फल) खाते हैं, तो यह सोया हुआ पेप्सिन तुरंत दोबारा एक्टिव हो जाता है और जलन को दोगुना कर देता है।

ठंडा दूध और पिपरमिंट टी: राहत या केवल एक भ्रम?

एसिडिटी होते ही ज्यादातर लोग ठंडा दूध या पिपरमिंट टी पीने की सलाह देते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक यह एक बड़ा मिथक है जो लंबे समय में समस्या को बढ़ा सकता है:

  • ठंडा दूध: दूध पीने के शुरुआती 5 मिनट तक तो ठंडक का अहसास होता है, लेकिन दूध में मौजूद फैट और कैल्श‍ियम पेट में जाते ही और अधिक एसिड उत्पादन को ट्रिगर करते हैं। इसे “एसिड रिबाउंड” कहा जाता है।
  • पिपरमिंट टी: पिपरमिंट एसोफैगल वाल्व को रिलैक्स कर देता है। इससे अस्थायी तौर पर तो आराम महसूस होता है, लेकिन वाल्व ढीला होने के कारण पेट का एसिड और पेप्सिन और आसानी से गले की तरफ भागते हैं।

साधारण नल या आरओ का पानी (जिसका pH स्तर लगभग 7 होता है) पेप्सिन को नष्ट नहीं कर पाता। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, पेप्सिन एंजाइम को हमेशा के लिए बेअसर करने के लिए 8.8 या उससे अधिक pH वाले अल्कलाइन लिक्विड की आवश्यकता होती है।

जब आप 8.8 pH स्तर का पानी या घोल लेते हैं, तो यह गले में जमे पेप्सिन के मॉलिक्यूल्स को स्थायी रूप से निष्क्रिय (Denature) कर देता है। इससे एसिडिटी का चक्र टूटता है और गले की अंदरूनी परत को ठीक होने का समय मिलता है।

रात में जलन से बचाव के लिए नागरिक क्या करें?

यदि आप रात में रिफ्लक्स की समस्या से जूझ रहे हैं, तो तुरंत इन व्यावहारिक बदलावों को अपनाएं:

  • सोने का समय: रात के खाने और सोने के बीच कम से कम 3 घंटे का अंतर रखें।
  • सोने की स्थिति: सोते समय सिर और छाती को पैरों के मुकाबले 6 इंच ऊपर रखें या बाईं करवट (Left side) सोएं, जिससे एसिड ऊपर न आ सके।
  • ट्रिगर से दूरी: रात के समय अत्यधिक तेल-मसाले, कैफीन, और एसिडिक खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
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