नेशनल/इंटरनेशनल

बीवी है नौकरानी नहीं… खाना बनाने, कपड़े धोने में आप भी मदद करें, तलाक मांग रहे पति को SC की फटकार

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने वैवाहिक रिश्तों को लेकर एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि पति को खाना बनाने, घर की साफ-सफाई और कपड़े धोने जैसे कामों में बराबर जिम्मेदारी निभानी होगी। कोर्ट ने स्पष्ट कहा— आपने नौकरानी से नहीं, जीवन संगिनी से शादी की है।”

यह टिप्पणी जस्टिस Vikram Nath और जस्टिस Sandeep Mehta की पीठ ने एक तलाक मामले की सुनवाई के दौरान की।

 क्या है पूरा मामला?

  • दंपति की शादी मई 2017 में हुई थी
  • 2019 से दोनों अलग रह रहे हैं
  • पति ने पत्नी पर क्रूरता का आरोप लगाकर तलाक की मांग की
  • निचली अदालत ने तलाक मंजूर किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे रद्द कर दिया

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान पति के वकील ने कहा कि पत्नी खाना नहीं बनाती और व्यवहार ठीक नहीं है।

कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने इस दलील पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:

  • समय बदल चुका है
  • घरेलू काम सिर्फ पत्नी की जिम्मेदारी नहीं
  • पति-पत्नी दोनों को बराबरी से जिम्मेदारी निभानी चाहिए

जस्टिस नाथ ने साफ कहा— “खाना बनाना, सफाई करना, कपड़े धोना… हर काम में आपको हाथ बंटाना होगा।”

दोनों एक ही स्कूल में कर्मचारी

  • जानकारी के मुताबिक, पति-पत्नी दोनों एक सरकारी स्कूल में कार्यरत हैं
  • कोर्ट ने दोनों पक्षों को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा है

मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल 2026 को तय की गई है।

क्यों है यह टिप्पणी अहम?

यह टिप्पणी आधुनिक वैवाहिक रिश्तों में समानता और साझेदारी के सिद्धांत को मजबूत करती है। सुप्रीम कोर्ट का यह रुख साफ संकेत देता है कि अब घरेलू जिम्मेदारियों को लेकर सोच बदलनी होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button