
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय में आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा प्रभारी सीमा राय को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे कैंपस में हुई इस घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक को लेकर जवाब मांगा गया है।
जानकारी के अनुसार, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब लॉ डिपार्टमेंट के कुछ छात्रों द्वारा धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। बताया जा रहा है कि इन टिप्पणियों में भगवान राम, परशुराम समेत अन्य महापुरुषों का उल्लेख किया गया, जिसे लेकर अन्य छात्रों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते यह मामला तूल पकड़ गया और विश्वविद्यालय परिसर में जमकर हंगामा हुआ।
घटना के बाद छात्रों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी, जिसे नियंत्रित करने में विश्वविद्यालय प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे, जिसके चलते सुरक्षा प्रभारी सीमा राय की भूमिका को लेकर जांच शुरू की गई है। इसी क्रम में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि आखिर ऐसी स्थिति कैसे उत्पन्न हुई और इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए थे।
मामले में सख्त रुख अपनाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने चार छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही इन छात्रों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की आपत्तिजनक या भड़काऊ टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विवाद की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय ने चार सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। यह समिति पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस घटना ने विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन और अभिव्यक्ति की मर्यादा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। छात्र संगठनों ने भी इस मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ ने कार्रवाई का समर्थन किया है, जबकि कुछ ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा है।



