झारखंड सरकार ने JSSC की CGL परीक्षा सहित TDPL द्वारा ली गई सभी परीक्षा रद्द किए जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। परीक्षा के जरिए नियुक्त होकर अपने-अपने पदों पर सेवा दे रहे अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले के खिलाफ रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में धरना शुरू कर दिया है।
सोमवार को शाम तक कार्यालयों में सामान्य रूप से काम कर रहे अभ्यर्थियों के लिए रात करीब 9:30 बजे यह बुरी खबर आई। फैसला सुनते ही कई नवनियुक्त कर्मियों के आंखों से आंसू छलक पड़े। अभ्यर्थियों ने अपनी विकट पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए राज्य सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने दूसरे राज्यों में अपनी बनी-बनाई नौकरियां छोड़कर झारखंड में जॉइनिंग दी थी, लेकिन सरकार के इस फैसले ने उनका करियर पूरी तरह अंधकारमय बना दिया है।
हालांकि, प्रभावित कर्मियों का कहना है कि उनकी नियुक्ति हाईकोर्ट के आदेश पर लगभग एक साल चली लंबी सुनवाई के बाद हुई थी। ऐसे में इस परीक्षा को निरस्त करना सरासर अन्याय है। सरकार के निर्णय के बाद अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि वे इस फैसले के खिलाफ अदालत की शरण लेंगे। कर्मियों का कहना है कि चूंकि उनकी बहाली हाईकोर्ट के निर्देश पर ही संभव हुई थी। इसलिए अब न्याय पाने के लिए दोबारा हाईकोर्ट जाने के अलावा उनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है।




