अंबिकापुर। सोने की शुद्धता को लेकर उठे विवाद के बीच अंबिकापुर के सराफा कारोबारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। कारोबारियों का आरोप है कि बड़े-बड़े ज्वैलरी ब्रांड सोने और चांदी की शुद्धता के नाम पर ग्राहकों के साथ धोखा कर रहे हैं। इसका सीधा असर स्थानीय और छोटे सराफा कारोबारियों पर पड़ रहा है।
दरअसल, पिछले दिनों बिलासपुर के मैग्नेटो मॉल स्थित मालाबार ज्वैलर्स में सोने की शुद्धता को लेकर विवाद सामने आया था। इस मामले के बाद छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने प्रदेशभर में ऐसे मामलों की जांच और कार्रवाई की मांग उठाई है।
बड़े ब्रांडों पर लगाए गंभीर आरोप
अंबिकापुर के सराफा कारोबारियों का कहना है कि बड़े ब्रांड अपनी ब्रांड वैल्यू के दम पर ग्राहकों का भरोसा जीतते हैं, लेकिन सोने और चांदी की वास्तविक शुद्धता को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। कारोबारियों का आरोप है कि यदि बड़े ब्रांडों की ओर से गुणवत्ता में गड़बड़ी की जाती है तो इसका नुकसान पूरे सराफा बाजार और खासकर छोटे कारोबारियों को उठाना पड़ता है।
छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा असर
सराफा कारोबारियों का कहना है कि सोने की शुद्धता को लेकर किसी बड़े ब्रांड से जुड़ा विवाद सामने आने पर इसका असर पूरे बाजार की विश्वसनीयता पर पड़ता है। छोटे और स्थानीय कारोबारी भी ग्राहकों के सवालों और संदेह का सामना करते हैं, जबकि उनकी ओर से गुणवत्ता को लेकर निर्धारित मानकों का पालन किया जाता है।
जांच और कार्रवाई की मांग
अंबिकापुर के सराफा कारोबारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने और यदि कहीं सोने की शुद्धता में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। कारोबारियों का कहना है कि ग्राहकों को सोने की शुद्धता को लेकर पूरी पारदर्शिता मिलनी चाहिए और नियम सभी के लिए समान रूप से लागू होने चाहिए।




