बस्तर। साइबर अपराधियों के बढ़ते नेटवर्क से निपटने के लिए बस्तर पुलिस ने अब अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। साइबर ठगी के मामलों में कार्रवाई अब सिर्फ शिकायत दर्ज करने और आरोपी की तलाश तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराधियों के पूरे डिजिटल नेटवर्क को खंगालने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए साइबर रेंज थाने में पदस्थ एक्सपर्ट्स की टीम को विशेष जिम्मेदारी दी गई है।
पुलिस की कोशिश है कि साइबर ठगी की एक घटना में शामिल आरोपी तक पहुंचने के साथ उसके पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क का भी पता लगाया जाए। इसके लिए संदिग्धों के डिजिटल फुटप्रिंट, ऑनलाइन गतिविधियों और आपसी कनेक्शन की तकनीकी जांच की जाएगी।
IPDR, CDR और TDR से जुटाए जाएंगे डिजिटल सुराग
साइबर एक्सपर्ट्स जांच के दौरान IPDR, CDR और TDR जैसे तकनीकी डेटा का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनके जरिए संदिग्ध नंबरों, कनेक्शन और गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस इसके अलावा क्रोम और गूगल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिलने वाली तकनीकी जानकारियों का भी जांच में उपयोग कर रही है।
वहीं नेटग्रिड, हाइडा और सीड्रेस जैसे आधुनिक सॉफ्टवेयर भी साइबर अपराध की जांच को तकनीकी मजबूती देने में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इन टूल्स के जरिए पुलिस संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों को जोड़कर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश करेगी।
तकनीक से ठगी, अब तकनीक से ही ट्रैकिंग
साइबर अपराधी लगातार अपने तरीके बदल रहे हैं। फर्जी मोबाइल नंबर, डिजिटल अकाउंट और ऑनलाइन पहचान का इस्तेमाल कर ठगी को अंजाम देने वाले अपराधियों की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे में बस्तर पुलिस अब उसी तकनीक का इस्तेमाल कर अपराधियों का पीछा करने की रणनीति पर काम कर रही है।
पुलिस का फोकस सिर्फ एक आरोपी की गिरफ्तारी पर नहीं, बल्कि एक आरोपी से जुड़े पूरे डिजिटल नेटवर्क का पता लगाने पर रहेगा। इससे साइबर ठगी के पीछे काम करने वाले अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
बस्तर पुलिस का डिजिटल वार
बस्तर जैसे क्षेत्र में साइबर अपराध की चुनौती से निपटने के लिए एक्सपर्ट्स की तैनाती को पुलिस की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब साइबर ठग अगर डिजिटल तकनीक को हथियार बनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, तो बस्तर पुलिस भी तकनीक को ही अपराधियों तक पहुंचने का सबसे बड़ा हथियार बनाने की तैयारी में है।
यानी साइबर ठगों का खेल डिजिटल है, तो अब बस्तर पुलिस की कार्रवाई भी डिजिटल वार के जरिए होगी।




