रायपुर। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण और स्कूल शिक्षा विभाग ने उल्लास नव भारत साक्षरता पखवाड़े की शुरुआत की है। एक से 15 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत प्रदेश में साक्षरता को जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी है।
इसी क्रम में दो सितंबर से ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों की पहचान के लिए घर घर सर्वेक्षण शुरू किया गया है।
राज्य शासन के निर्देशानुसार कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष प्रावधान लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत स्थानीय एवं बोर्ड परीक्षाओं में 10 निरक्षरों को साक्षर बनाने पर विद्यार्थियों को 10 बोनस अंक प्रदान किए गए जाएंगे।
इस प्रावधान का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए कल प्रदेश भर के हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के विद्यार्थियों, स्थानीय युवाओं तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों की टीमों द्वारा घर-घर जाकर निरक्षर नागरिकों का चिन्हांकन एवं डेटा संकलन किया जाएगा।





