धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सिहावा क्षेत्र के बेलर नवागांव में एक महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि मृतका ने करीब 15 से 18 साल पहले ईसाई धर्म अपना लिया था। महिला की मौत के बाद जब परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को गांव ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तब ग्रामीणों ने गांव में अंतिम संस्कार की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
मामला बढ़ने के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। विवाद को सुलझाने के लिए सामाजिक स्तर पर बैठकों का दौर शुरू हुआ। ग्रामीणों और मृतका के परिजनों के बीच हुई बैठकों में अंतिम संस्कार को लेकर सहमति बनाने की कोशिश की गई।
हिंदू धर्म में वापसी के लिखित आश्वासन पर अड़े ग्रामीण
विवाद के बीच ग्रामीणों की ओर से मृतका के परिवार के हिंदू धर्म में वापस आने का लिखित आश्वासन मांगा गया। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत चलती रही। गांव में सामाजिक और ग्रामीण स्तर पर कई दौर की बैठकें हुईं।
मृतका की पहचान 55 वर्षीय पीयन बाई साहू के रूप में बताई गई है। उनकी मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर पैदा हुआ विवाद धीरे-धीरे बढ़ने लगा था।
4 परिजनों ने हिंदू धर्म में वापसी की दी सहमति
बढ़ते तनाव के बीच आखिरकार ग्रामीणों और मृतका के परिजनों के बीच आपसी सहमति बन गई। परिजनों ने लिखित रूप से हिंदू धर्म में वापसी की सहमति दी। बताया गया कि मृतका के परिवार के 4 सदस्यों ने हिंदू धर्म अपनाने पर सहमति जताई है।
लिखित सहमति के बाद अंतिम संस्कार को लेकर बना विवाद समाप्त हो गया और शव के अंतिम संस्कार का रास्ता साफ हुआ।
बैठकों के बाद निकला समाधान
बेलर नवागांव में विवाद के चलते तनाव की स्थिति बनने के बाद सामाजिक और ग्रामीण स्तर पर लगातार बैठकें की गईं। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद सहमति बनने से मामला शांत हुआ। इसके साथ ही मृतका के अंतिम संस्कार को लेकर चल रहा विवाद भी समाप्त हो गया।




