तखतपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के अंतर्गत आने वाले नगर पालिका परिषद तखतपुर क्षेत्र में बिजली के स्मार्ट मीटरों को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। शहर में लगाए गए नए स्मार्ट मीटरों पर अज्ञात तत्वों द्वारा ‘महतारी वंदन वसूली मीटर’ लिखे स्टिकर चिपकाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। बेहद संवेदनशील माने जा रहे इन स्टिकरों पर बाकायदा ‘नगर पालिका परिषद तखतपुर’ के नाम का भी उल्लेख किया गया है, जिसके बाद से स्थानीय राजनीति में भूचाल आ गया है।
कांग्रेस शासित नगर पालिका में विरोध तेज
उल्लेखनीय है कि तखतपुर नगर पालिका परिषद में वर्तमान में कांग्रेस की सरकार है। सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, कांग्रेस के पार्षदों और कार्यकर्ताओं द्वारा ही इन स्मार्ट मीटरों पर यह विवादित स्टिकर चिपकाए जा रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेशव्यापी नीति के तहत इन स्मार्ट मीटरों का कड़ा विरोध कर रहे हैं। उनका सीधा आरोप है कि भाजपा सरकार एक तरफ तो महिलाओं को ‘महतारी वंदन योजना’ के जरिए ₹1000 दे रही है, लेकिन दूसरी तरफ नए स्मार्ट मीटरों के माध्यम से भारी-भरकम बिजली बिल भेजकर उस राशि की गुप्त रूप से वसूली कर रही है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
स्मार्ट मीटरों पर स्टिकर चिपकाए जाने और इस अनोखे विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद आम नागरिकों और प्रशासन के बीच तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं कि आखिर शासकीय संपत्ति पर इस तरह के राजनीतिक पोस्टर लगाने की अनुमति किसने दी।
भाजपा पार्षद दल हुआ आक्रामक, एसडीएम को सौंपेंगे ज्ञापन
इस पूरे मामले पर विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। भाजपा पार्षद दल ने इस कृत्य पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और आज ही इस मामले को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है। भाजपा पार्षदों का कहना है कि ज्ञापन के माध्यम से वे स्मार्ट मीटर लगाने की तकनीकी प्रामाणिकता और विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे भ्रामक आरोपों को लेकर प्रशासन के समक्ष अपना स्पष्ट पक्ष रखेंगे तथा सरकारी संपत्ति को विरूपित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
फिलहाल, इस स्टिकर विवाद ने तखतपुर में महतारी वंदन योजना और बिजली मीटर के मुद्दे को पूरी तरह से आमने-सामने लाकर खड़ा कर दिया है।



