रायपुर:चुनाव आयोग (ECI) की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी आज, 12 अक्टूबर को दिल्ली में एक विशाल प्रदर्शन करने जा रही है। इस विरोध प्रदर्शन में अपनी ताकत झोंकने के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस के सभी विधायकों का दिल्ली रवाना होने का सिलसिला शुरू हो चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज समेत राज्य के सभी कांग्रेस विधायक दिल्ली पहुंच रहे हैं। आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए प्रदर्शन से ठीक पहले दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।
रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बताया कि दिल्ली में होने वाली इस बैठक के बाद ही आगे की रूपरेखा और निर्देश तय किए जाएंगे। बैज ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रदर्शन कर रहे युवाओं (Gen Z) के साथ किए जा रहे बर्बर व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हमेशा से ‘वोट चोरी’ के सहारे सरकारें बनाती आई है और मुख्य चुनाव आयुक्त इस काम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की सीधी मदद कर रहे हैं। उन्होंने इस आंदोलन की तुलना 1947 के स्वतंत्रता संग्राम से करते हुए इसे ‘दूसरी आजादी की लड़ाई’ करार दिया।
पीएम के अभिनंदन प्रस्ताव पर साय कैबिनेट को घेरा
दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए पारित किए गए अभिनंदन प्रस्ताव पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कैबिनेट में ‘सेवा संकल्प’ पास करने मात्र से राज्य के गरीब मजदूरों का कोई भला नहीं होने वाला है। बैज ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए टिप्पणी की कि साय सरकार कैबिनेट में देश के सबसे ‘फेलियर’ (असफल) प्रधानमंत्री की तारीफ में समय बर्बाद कर रही है।



