छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सदर बाजार स्थित ‘विधि ज्वेलर्स एंड बुलियन’ दुकान से 1 करोड़ 88 लाख 37 हजार 630 रुपये के सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को नगर निगम के आवास विभाग की अधिकारी बताने वाली दो महिलाओं ने नकली चेक और झूठे वादों के जाल में फंसाकर इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया। कोतवाली पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी महिला किरण साहू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसकी फरार साथी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
ठगी की इस बड़ी वारदात और पुलिस एक्शन का पूरा ब्योरा इस प्रकार है:
🚨 विश्वास जीता और दो किस्तों में पार किए करोड़ों के जेवर
- शातिर शुरुआत (24 अगस्त 2026): भाठागांव निवासी सराफा कारोबारी रिखब बरडिया की दुकान पर किरण साहू अपनी साथी के साथ पहुंची। उसने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर कारोबारी का भरोसा जीता और 37 लाख रुपये के आभूषण पसंद किए। इसके बदले उन्होंने 250 ग्राम सोने का बिस्कुट, 7 लाख रुपये कैश और बाकी 15 लाख रुपये के लिए एक चेक थमा दिया।
- बड़ा हाथ मारा (26 अगस्त 2026): पहले फेर में कारोबारी का विश्वास जीतने के ठीक दो दिन बाद दोनों महिलाएं फिर दुकान पहुंचीं। इस बार उन्होंने करीब 1.73 करोड़ रुपये के सोने, चांदी और हीरे के जेवर समेट लिए। इसके भुगतान के लिए उन्होंने 1,73,37,630 रुपये का चेक दिया और दो-तीन दिनों में सोने के बिस्कुट देने का वादा किया।
🔍 सिग्नेचर मिसमैच और चेक बाउंस से खुला राज
1 सितंबर को जब सराफा कारोबारी ने 15 लाख रुपये का पहला चेक बैंक में क्लीयरेंस के लिए लगाया, तो गलत हस्ताक्षर (Signature Mismatch) होने की वजह से चेक बाउंस हो गया। कारोबारी ने जब किरण साहू से संपर्क कर अपने पैसे मांगे, तो वह टालमटोल करने लगी। न तो जेवर वापस मिले और न ही पैसे। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित कारोबारी ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
👮 पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मुख्य आरोपी शिकंजे में
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक रजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) तारकेश्वर पटेल के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। सहायक पुलिस आयुक्त (कोतवाली) दीपक मिश्रा के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने छापा मारकर मुख्य आरोपी किरण साहू को धर दबोचा।
पूछताछ में महिला ने अपनी साथी के साथ मिलकर इस बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम देने की बात कबूल कर ली है। पुलिस अब आरोपी महिला से ठगे गए करोड़ों के आभूषणों की बरामदगी के लिए पूछताछ कर रही है और फरार चल रही दूसरी महिला की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।



