रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के कामकाज में एक बड़ा तकनीकी बदलाव होने जा रहा है। आगामी बजट सत्र से पहले विधानसभा को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की तैयारी तेज कर दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की पहल पर विधायी कार्यवाही को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है। इसके तहत सदन में विधायकों की मेजों पर टैबलेट और डिजिटल उपकरण लगाए जाएंगे। विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा के अनुसार, डिजिटलाइजेशन के इस काम को अगले तीन महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- विधायकों की मेजों पर टैबलेट: नवा रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन के सदन में प्रत्येक विधायक की मेज पर डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से जनप्रतिनिधि सदन की कार्यसूची, प्रश्नोत्तर और विधायी दस्तावेज देख सकेंगे, जिससे कागजों की छपाई और वितरण की जरूरत नहीं होगी।
- ₹324 करोड़ की लागत से बना आधुनिक भवन: नवा रायपुर के सेक्टर-19 में नया विधानसभा भवन लगभग 324 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 नवंबर 2025 को राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर इस ग्रीन बिल्डिंग का उद्घाटन किया था। यह भवन सौर ऊर्जा और वर्षा जल संचयन जैसी पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं से लैस है।
- ‘वन नेशन, वन लेजिस्लेटिव प्लेटफॉर्म’ से जुड़ाव: केंद्र सरकार की राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) योजना के तहत छत्तीसगढ़ विधानसभा को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है और संसदीय कार्य मंत्रालय, राज्य सरकार व विधानसभा सचिवालय के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।
- चिप्स (CHIPS) को मिली तकनीकी जिम्मेदारी: इस पूरे प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने का जिम्मा छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) को सौंपा गया है। संस्था डिजिटल उपकरणों की स्थापना और सॉफ्टवेयर संबंधी व्यवस्थाओं को संभालेगी।
- मोबाइल एप पर मिलेगी हर जानकारी: डिजिटल योजना के तहत आधिकारिक मोबाइल एप को अपडेट किया जाएगा। इस पर आम नागरिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए बजट भाषण, तारांकित-अतारांकित प्रश्नोत्तर और दैनिक कार्यसूची उपलब्ध होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
- पर्यावरण और संसाधनों की बचत: पेपरलेस व्यवस्था लागू होने से हर सत्र में होने वाली भारी मात्रा में कागज की खपत कम होगी। इससे पर्यावरण को लाभ होने के साथ-साथ छपाई और दस्तावेज प्रबंधन के खर्च में भी बड़ी बचत होगी।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन में नए परिसर के शेष कार्यों जैसे विशाल उद्यानों, बैंक्वेट क्षेत्र और राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ की स्थापना की भी समीक्षा की जा रही है। यदि यह कार्य तय समयसीमा में पूरा होता है, तो आगामी बजट सत्र से छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यप्रणाली पूरी तरह से आधुनिक और डिजिटल स्वरूप में नजर आएगी।



