रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की सांस्कृतिक और जनजातीय परंपराओं को संजोने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने रायपुर जिले के गनोद गांव में उरांव समाज के लिए 50 लाख रुपये की लागत से एक आधुनिक सामुदायिक भवन के निर्माण की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस भवन के बनने से उरांव समाज को अपनी सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए एक बेहतर मंच और सुविधाएं मिल सकेंगी।
करम पूजा परब के पावन अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह बड़ी घोषणा की। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा, “यह सामुदायिक भवन न केवल समाज के लोगों को एकजुट करेगा, बल्कि उन्हें अपनी समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में भी मदद करेगा।”
सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण हमारा नैतिक दायित्व: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की विविध जनजातीय परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि ये परंपराएं हमारे प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का मुख्य आधार हैं। इन परंपराओं में प्रकृति के प्रति गहरा सम्मान, सामूहिकता, आपसी सहयोग और सामाजिक समरसता का एक बेहद खूबसूरत संदेश छुपा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अपनी संस्कृति और विरासत पर गर्व करने के साथ-साथ उनका संरक्षण और संवर्धन करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।
करम पूजा परब की दीं शुभकामनाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने उरांव समाज सहित सभी प्रदेशवासियों को ‘करम पूजा परब’ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत ही हमारी असली पहचान और ताकत है। उन्होंने कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए, और समाज में प्रेम, एकता व भाईचारे की भावना लगातार मजबूत हो।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस गरिमामयी अवसर पर अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी, उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ के पदाधिकारी, समाज के प्रमुख श्री बिन्देश्वर भगत के साथ-साथ समाज के वरिष्ठ नागरिक, सदस्य और बहुत बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के परिवारजन उपस्थित रहे।




