रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण विभाग (PWD) में लंबित पड़े कार्यों और पुराने मामलों के त्वरित निपटारे को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। विभागीय सचिव मुकेश कुमार ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि सभी लंबित विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
यह निर्देश सचिव मुकेश कुमार ने 3 नवंबर 2026 को मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में प्रदेश भर में चल रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स की प्रगति और अटके हुए मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।
ठेकेदारों के बिलों का होगा परीक्षण, पात्रता के अनुसार भुगतान
बैठक में सचिव ने निर्माण कार्यों में गति लाने के साथ-साथ पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभाग के अंतर्गत आने वाले ठेकेदारों के लंबित बिलों का बारीकी से परीक्षण किया जाए और पात्रता के अनुसार उनका जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि फंड की कमी के कारण कोई भी कार्य प्रभावित न हो।
विभागीय समन्वय और बाधाओं को दूर करने पर जोर
मुकेश कुमार ने स्पष्ट किया कि आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण और अत्यावश्यक निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट्स की राह में आ रही सभी तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए। इसके साथ ही, अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए कहा गया है ताकि किसी भी परियोजना में बेवजह की देरी न हो।
सचिव की इस सख्ती के बाद विभाग में पेंडिंग पड़े कामों और फाइलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।



