
अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। ताजा मामला यह है कि संभाग में 400 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी अपने मूल पदों को छोड़कर अन्य कार्यालयों में अटैच होकर काम कर रहे हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, इस संबंध में ज्वाइंट डायरेक्टर द्वारा पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने मूल पदस्थापना स्थल पर ही कार्य करें। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर इन आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। विभागीय लापरवाही और मनमानी के चलते स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराती नजर आ रही है।
हाल ही में धौरपुर स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान स्थिति और भी चिंताजनक सामने आई। जांच में पाया गया कि यहां पदस्थ 9 कर्मचारी अपने मूल पद से अनुपस्थित थे और अन्य स्थानों पर कार्यरत थे। इस लापरवाही के कारण स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा था, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
सूत्रों के मुताबिक, कई कर्मचारी वर्षों से मूल पदस्थापना स्थल से दूर अटैचमेंट के जरिए काम कर रहे हैं। इससे जहां एक ओर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में कर्मचारियों की अधिकता की स्थिति बन गई है।
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए ज्वाइंट डायरेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जो भी अधिकारी और कर्मचारी अपने मूल पद पर उपस्थित नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोकने के भी आदेश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। खासकर ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। कई जगहों पर मरीजों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।



