गरियाबंदछत्तीसगढ़

तीन अफसर सस्पेंड : लापरवाही मामले में गिरी गाज, तीन नोडल अफसर किये गये सस्पेंड

गरियाबंद । जिले में धान उपार्जन प्रक्रिया में बरती जा रही लापरवाही पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। किसानों के हितों से जुड़े इस संवेदनशील मामले में कलेक्टर बी.एस. उइके ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन नोडल अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कदम उस समय उठाया गया, जब जांच में यह सामने आया कि नोडल अधिकारियों ने किसानों के आवेदनों का कार्यालय में बैठकर सत्यापन कर दिया और बिना भौतिक निरीक्षण किए धान उपार्जन केंद्रों के फोटोग्राफ्स अपलोड कर दिए।

जांच में सामने आई गंभीर खामियां

प्रशासनिक जांच के दौरान यह पाया गया कि नोडल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे किसानों द्वारा दिए गए आवेदनों के संदर्भ में संबंधित धान उपार्जन केंद्रों पर जाकर धान का भौतिक सत्यापन करें और उसी के आधार पर फोटोग्राफ्स अपलोड करें। इसका उद्देश्य खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और किसी भी तरह की अनियमितता को रोकना था।

हालांकि, जांच में सामने आया कि कुछ अधिकारियों ने इस दायित्व को गंभीरता से नहीं लिया और बिना मौके पर पहुंचे ही सत्यापन की औपचारिकता पूरी कर दी।

इन अधिकारियों पर गिरी गाज

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार,

  • फिंगेश्वर ब्लॉक के धान उपार्जन केंद्र पोखरा के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त उज्जवल शर्मा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी,
  • रेखराम साहू, सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी (बासीन),को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया है।

इसके साथ ही,

  • छुरा ब्लॉक के धान उपार्जन केंद्र सांकरा के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त राजकुमार साहू, सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी,

को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं

कलेक्टर बी.एस. उइके ने स्पष्ट संदेश दिया है कि धान खरीदी जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों की मेहनत और उनकी उपज से जुड़ी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि है। यदि कोई अधिकारी अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन नहीं करता, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की सख्ती से बढ़ा भरोसा

इस कार्रवाई के बाद जिले के किसानों में यह संदेश गया है कि प्रशासन उनकी समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से ले रहा है। धान खरीदी प्रक्रिया में पहले भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार त्वरित और सख्त कार्रवाई से यह उम्मीद जगी है कि आगे व्यवस्था में सुधार होगा।

आगे और जांच के संकेत

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल शुरुआत हो सकती है। यदि अन्य उपार्जन केंद्रों में भी इसी तरह की अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता और ईमानदारी से करें।

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