
रायपुर । उत्तर भारत में सक्रिय एक ताकतवर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तरी छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। पिछले कुछ दिनों से कभी बादल, कभी धूप और कभी अचानक बढ़ती ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। बीते दो दिनों तक आसमान में बादलों की मौजूदगी के कारण ठंडी हवाओं का प्रवाह कुछ हद तक थम गया था, जिससे न्यूनतम तापमान में अस्थायी बढ़ोतरी दर्ज की गई। करीब 49 दिनों बाद अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच गया था।
हालांकि यह राहत ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। बुधवार को अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन अगले ही 24 घंटे में मौसम ने अचानक करवट ली। गुरुवार सुबह तापमान गिरकर 6.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इस तरह एक ही दिन में तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की तेज गिरावट दर्ज की गई, जिसने लोगों को फिर से ठंडे कपड़ों और अलाव का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे उत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मुख्य कारण है। आने वाले दो दिनों के भीतर इन इलाकों में बर्फबारी, ओलावृष्टि और बारिश की संभावना जताई गई है। हिमालय में होने वाली बर्फबारी का अप्रत्यक्ष असर मैदानी और मध्य भारत के मौसम पर भी पड़ता है, जिससे उत्तरी छत्तीसगढ़ में ठंड बढ़ जाती है।
सरगुजा संभाग में फिलहाल सुबह और रात के समय ठंड का असर अधिक महसूस किया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ का मौजूदा प्रभाव समाप्त होगा, उसके बाद ठंडी और शुष्क हवाएं क्षेत्र में प्रवेश करेंगी, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में शीतलहर जैसी स्थिति बनने की भी आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
मौसम विज्ञानी ए.एम. भट्ट के अनुसार, 21 जनवरी को सक्रिय हुआ यह पश्चिमी विक्षोभ काफी शक्तिशाली है। इसके प्रभाव से 24 और 25 जनवरी को उत्तरी छत्तीसगढ़ में एक बार फिर बादलों की आवाजाही देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही हल्की नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है। वहीं 26 जनवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे मौसम में फिर बदलाव आ सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को ठंड से बचाव के उपाय अपनाने को कहा गया है।



