
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में रामायण कार्यक्रम के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है। भखारा क्षेत्र में रतनजोत के फल को चिरौंजी समझकर खाने से 30 से अधिक लोग बीमार हो गए। इनमें 10 बच्चे शामिल हैं, जिन्हें गंभीर हालत में धमतरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, रामायण कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने रतनजोत के फल को चिरौंजी समझकर खा लिया। शुरुआत में पालकों को भी भ्रम रहा और उन्हें लगा कि बच्चों की तबीयत भंडारे का खाना खाने से बिगड़ी है।
खाने के कुछ देर बाद शुरू हुई उल्टी-दस्त
रतनजोत खाने के कुछ ही समय बाद बच्चों को उल्टी और दस्त होने लगे, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजन तुरंत बच्चों को कोर्रा गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। पूछताछ में बच्चों ने रतनजोत खाने की बात बताई।
गंभीर बच्चों को जिला अस्पताल रेफर
प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर बच्चों को धमतरी जिला अस्पताल रेफर किया गया। ग्रामीण भीषण साहू और यामिनी साहू ने बताया कि बच्चों के अलावा कई वयस्कों ने भी रतनजोत का सेवन किया था, जिससे कुल बीमारों की संख्या 30 से ज्यादा हो गई। फिलहाल अस्पताल में भर्ती सभी बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है और इलाज जारी है।
क्या है रतनजोत
रतनजोत एक विषैला फल है, जिसका सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। डॉक्टरों ने ग्रामीणों से अज्ञात फल-बीजों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।



