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झीरम नरसंहार” पर गरमायी सूबे की सियासत, जेपी नड्डा के बयान पर सिंहदेव ने उठाये सवाल, डॉ. रमन की सरकार को लेकर कह दी ये बड़ी बात…!

रायपुर। झीरम घाटी नक्सली नरसंहार को लेकर सूबे की राजनीति एक बार फिर गरमा गयी है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस हमले में कांग्रेस की भूूमिका पर सवाल उठाये थे। जिसके बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल के साथ ही अब पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने नाराजगी जाहिर करते जेपी नड्डा के इस बयान पर सवाल उठाये है। उन्होने सवाल किया कि…यदि आप जानते है कि झीरम घाटी हमले में कौन शामिल था ? यदि आपको जानकारी है, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई ?

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने पिछले दिनों जांजगीर में जनादेश परब में शामिल होने पहुंचे थे। यहां आयोजित समारोह में उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए झीरम मामले पर कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस नेताओं की भूमिका पर सवाल खड़े किये थे। उन्होंने दावा किया था कि….पार्टी के अंदरूनी लोग ही 2013 के झीरम घाटी नक्सली हमले को अंजाम देने में शामिल थे। जिसके कारण बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं की हत्या हुई थी। जेपी नड्डा यहीं नही रूके उन्होने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए यह भी कह दिया कि पिछली कांग्रेस सरकार का नक्सलियों के साथ समझौता था।

जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार ने नक्सलवाद को उखाड़ फेंकने का काम किया। जांजगीर जिले में जेपी नड्डा के इस बयान के बाद सूबे की सियासत एक बार फिर गरमा गयी है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने इस बयान के बाद जहां झीरम घाटी हमले की जांच को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाये। वहीं अब पूर्व डिप्टी सीएम सिंहदेव ने भी नड्डा के इस बयान पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जतायी है। सिंहदेव ने एक्स पर लिखा कि….“माननीय @JPNadda जी का जांजगीर में दिया गया बयान बेहद आश्चर्यजनक और दुखद है। एक केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर होकर आप कह रहे हैं कि आप “जानते” हैं कि झीरम घाटी हमले में कौन शामिल था? यदि आपको जानकारी है, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई ?

नड्डा जी, आपने “रक्षक” की बात कही, लेकिन शायद आप भूल गए कि उस समय “रक्षक” कौन था ? उस वक्त प्रदेश में @drramansingh जी की सरकार थी। सुरक्षा बल और पुलिस तंत्र सीधे आपके अधीन थे। एक “नाकाबिल सरकार” अपने ही लोगों की रक्षा करने में विफल रही। इतनी भीषण हत्या को महज राजनीति का विषय बनाना और जानकारी होने का दावा करने के बावजूद चुप रहना, क्या यह न्यायसंगत है ? यदि आपके पास सबूत हैं, तो देश के सामने रखिए और कार्रवाई कीजिये। अन्यथा, इस तरह के बयानों के लिए आपको झीरम के शहीदों और कांग्रेस परिवार से माफी मांगनी चाहिए। झीरम का सच सामने आना ही चाहिए, लेकिन राजनीति के लिए शहीदों के अपमान को छत्तीसगढ़ स्वीकार नहीं करेगा।“

 सिंहदेव के बयान पर गृहमंत्री शर्मा ने कांग्रेस पर उठाये सवाल

जेपी नड्डा के बयान पर हो रही सियासत के बीच प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा का भी बयान सामने आया है। उन्होने कहा कि…..“मैं इसे तथ्यात्मक दृष्टिकोण से बताना चाहता हूं। पिछले राज्य विधानसभा चुनावों से पहले, यह व्यापक रूप से दावा किया गया था कि सरकार बनने के बाद, झीरम घाटी माओवादी हमले से संबंधित सबूतों पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार सत्ता में आई। लेकिन संबंधित मंत्री और अधिकारी कुछ वर्षों बाद पद पर नहीं रहे। सवाल उठता है कि अगर कार्रवाई उनके अपने संसाधनों से नहीं की गई, तो इसका क्या कारण था ? अगर इसे उनके अपने साधनों से नहीं निपटाया गया, तो शायद कुछ ऐसा ही उनकी जेब में छिपा है।“

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