
दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र के एसएमएस-02 क्षेत्र में 15 नवंबर 2025 को हुए एक दर्दनाक हादसे में 42 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई थी। करीब डेढ़ महीने के बाद अब भिलाई भट्टी थाना पुलिस ने बीएसपी प्रबंधन पर लापरवाही बरतने के मामले में अपराध दर्ज कर लिया है। इस एफआईआर को मिलाकर अब तक बीएसपी प्रबंधन पर पिछले 3 महीने में ये 5वीं एफआईआर है। इससे पहले बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ दो एफआईआर नवंबर और दो एफआईआर दिसंबर महीने में दर्ज हुए हैं। वहीं एक जनवरी 2025 में बीएसपी के क्रेन ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया था।
3 जनवरी 2026 में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, निर्माणाधीन ईसीआर भवन में कार्य के दौरान विंच मशीन का एक हिस्सा अचानक टूट गया, जिससे मशीन के साथ नीचे गिरने से मजदूर को सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उसे तत्काल भिलाई इस्पात संयंत्र के मेन मेडिकल पोस्ट-1 अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान भिलाई शंकर पारा के रहने वाले देवेन्द्र चंद्राकर (42 वर्ष) के रूप में हुई थी। घटना की सूचना रात 8 बजे थाना भिलाई भट्टी में दी गई, जिसके बाद मर्ग क्रमांक 39/2025 धारा 194 बीएनएसएस के तहत मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। मर्ग जांच के दौरान सामने आया कि घटना में भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन की ओर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी और उपेक्षापूर्ण लापरवाही बरती गई। आवश्यक सुरक्षा उपायों के अभाव में कार्य कराए जाने के तथ्य पाए गए। जांच के आधार पर थाना भिलाई भट्टी में प्रकरण दर्ज करते हुए धारा 106(1) एवं 289 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। घटना की सूचना एसडीएम भिलाई नगर को भी अलग से भेजी गई है। मृतक के परिजनों ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है।



