
रायपुर, छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला कांग्रेस के नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस में सियासी हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से खाली पड़े इस पद के लिए चयन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द नाम का ऐलान होने की संभावना है।
सोमवार को राजधानी रायपुर में एआईसीसी की ओर से 5 महिला नेताओं के इंटरव्यू लिए गए। इस प्रक्रिया में विधायक संगीता सिन्हा, पूर्व विधायक छन्नी साहू, लक्ष्मी ध्रुव, ममता चंद्राकर और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा शामिल रहीं। इंटरव्यू खुद अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने लिए।
संगीता बनाम छन्नी की सीधी टक्कर
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, इस रेस में संगीता सिन्हा और छन्नी साहू सबसे आगे चल रही हैं। संगीता सिन्हा बालोद से दूसरी बार विधायक हैं और मौजूदा राजनीति में एक्टिव चेहरा मानी जाती हैं। छन्नी साहू पूर्व विधायक हैं और संगठन में लंबे समय से सक्रिय रही हैं। बताया जा रहा है कि छन्नी साहू का नाम करीब एक साल पहले ही PCC से AICC भेजा गया था, लेकिन अब तक उस पर फैसला नहीं हो सका।
भूपेश बनाम सिंहदेव खेमा आमने-सामने
महिला कांग्रेस अध्यक्ष के चयन में कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। चर्चा है कि संगीता सिन्हा को भूपेश बघेल खेमा सपोर्ट कर रहा है, जबकि छन्नी साहू को टीएस सिंहदेव खेमे का समर्थन हासिल है। ऐसे में पार्टी के अंदर यह लगभग तय माना जा रहा है कि इन दोनों में से किसी एक नाम पर मुहर लगेगी।
भाजपा का हमला, कांग्रेस में लोकतंत्र खत्म
मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता शताब्दी पाण्डेय ने कहा कि महिला कांग्रेस अध्यक्ष चयन में देरी और गुटबाजी कांग्रेस के असली चरित्र को उजागर करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र खत्म हो चुका है और महिलाओं के सम्मान की बातें सिर्फ मंचों तक सीमित हैं।



