
बिलासपुर। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) रायपुर में रजिस्ट्रार पद से हटाए गए डॉ. आरिफ खान के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने अपने आदेश की अवहेलना को गंभीर मानते हुए एनआईटी रायपुर के डायरेक्टर डॉ. नारायणप्रभु वेंकट रमन और तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. नरेंद्र दिगंबर लोधे को अवमानना नोटिस जारी किया है।
यह मामला वर्ष 2021 का है, जब डॉ. आरिफ खान को बिना किसी ठोस और स्पष्ट कारण के रजिस्ट्रार पद से हटा दिया गया था। इस कार्रवाई से आहत होकर डॉ. खान ने अधिवक्ता हमीदा सिद्दीकी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने डॉ. खान के पक्ष में आदेश पारित किया।
अदालत से राहत मिलने के बाद डॉ. आरिफ खान ने यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर को इस्तीफा सौंपा और एनआईटी रायपुर में दोबारा कार्यग्रहण के लिए पहुंचे। आरोप है कि इसके बावजूद तत्कालीन शीर्ष अधिकारियों ने उनका कार्यग्रहण स्वीकार नहीं किया, जिसे डॉ. खान ने सीधे तौर पर न्यायालय की अवहेलना बताया। इसके बाद दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी की कि अदालत के आदेश का पालन न करना न्यायिक व्यवस्था को कमजोर करता है। इसी आधार पर कोर्ट ने एनआईटी रायपुर के डायरेक्टर और पूर्व रजिस्ट्रार को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
इस मामले ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में प्रशासनिक मनमानी और अदालत के आदेशों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।



