
महासमुंद । महासमुंद जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने पिथौरा विकासखंड अंतर्गत सहकारी समिति घोंच का औचक निरीक्षण कर समिति प्रबंधन को सस्पेंड कर एफआईआर के निर्देश दिये है। इसी तरह इसी तरह कृषि उपज मंडी समिति बागबाहरा के सचिव कुशल राम ध्रुव को उड़ीसा का धान खपाने के आरोप में सस्पेंड किया गया है।
गौरतलब है कि महासमुंद जिले में करोड़ों रूपये के धान की कमी के मामले ने राजनीति रूप ले लिया है। जिसके बाद आज कलेक्टर विनय लंगहे ने धान संग्रहण केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। पिथौरा विकासखंड अंतर्गत सहकारी समिति घोंच का औचक निरीक्षण के दौरान कलेेक्टर ने जांच में पाया गया कि समिति द्वारा पुराने रबी फसल के धान को खपाया जा रहा था। इसके साथ ही गुणवत्ता विहीन धान की खरीदी तथा तौलाई में भी गड़बड़ी की पुष्टि हुई।
नियमों की खुलेआम अनदेखी और किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर लंगेह ने समिति प्रबंधक को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। इसी तरह महासमुंद जिले की कृषि उपज मंडी समिति बागबाहरा में भी बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। मंडी समिति के सचिव कुशल राम ध्रुव को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक द्वारा की गई।
बताया जा रहा है कि ग्राम टेमरी में एक कृषक के घर के पास उड़ीसा राज्य से अवैध रूप से धान ट्रक के माध्यम से लाया गया था। जिसे तीन ट्रैक्टरों में पलटी करते हुए पाया गया। इस गंभीर मामले में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बागबाहरा द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत पंचनामा एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज एसडीएम कार्यालय में जमा करने थे। लेकिन सचिव द्वारा निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसी लापरवाही और अनुशासनहीनता को आधार बनाकर निलंबन की कार्रवाई की गई।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनियमितता को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी समितियों में नियमों का सख्ती से पालन हो और किसानों से खरीदे जा रहे धान की गुणवत्ता एवं तौलाई प्रक्रिया पर विशेष निगरानी रखी जाए।



