
रायपुर : चर्चित डीएसपी कल्पना वर्मा मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। एक कारोबारी के साथ नक्सल ऑपरेशन से जुड़े संवेदनशील इनपुट साझा किए जाने के मामले में सोशल मीडिया पर कथित चैट्स वायरल होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
नक्सल ऑपरेशन के इनपुट कारोबारी तक पहुंचे?
जानकारी के अनुसार वायरल चैट्स में नक्सल विरोधी अभियानों से संबंधित गोपनीय जानकारियां साझा किए जाने का दावा किया जा रहा है।। कारोबारी के साथ नक्सल ऑपरेशन से जुड़े संवेदनशील इनपुट साझा किए जाने का आरोप भी जांच के दायरे में है। इस संबंध में कथित चैट्स सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं जिन्हें लेकर प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल मची हुई है। मामले की जांच के बाद अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है।
पहले भी सुर्ख़ियों रही है कल्पना वर्मा
बता दें कि पहले भी कल्पना वर्मा सुर्खियों में रही है और वर्ष 2021 में डीएसपी कल्पना वर्मा महासमुंद में पदस्थ थीं। इसी दौरान एक म्यूचुअल फ्रेंड के माध्यम से उनकी पहचान कारोबारी दीपक टंडन से हुई। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत और मुलाकातों का सिलसिला शुरू हुआ, जो आगे चलकर निजी संबंधों में तब्दील हो गया। सूत्रों के अनुसार दोनों के साथ घूमने-फिरने और शॉर्ट टूर पर जाने की बातें भी सामने आई हैं। मामले को लेकर दीपक टंडन ने अक्टूबर माह में रायपुर के खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि डीएसपी कल्पना वर्मा और उनके परिजनों ने उनसे नकद राशि, गाड़ी और ज्वेलरी ली, लेकिन बाद में उसे वापस नहीं किया गया। शुरुआती दौर में पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हुए जिसके बाद दीपक टंडन ने मीडिया के सामने आकर पूरे मामले का खुलासा किया।



