
दुर्ग । छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक ऐसी सनसनीखेज और दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था और समाज दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज कुछ रुपयों के लालच में 19 वर्षीय युवक ऋषि निर्मलकर का अपहरण कर उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। आधे दर्जन से अधिक बदमाशों ने उसे एक होटल में करीब आठ घंटे तक लोहे की रॉड से पीटा, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं और ब्रेन हेमरेज हो गया। चार दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद आखिरकार ऋषि ने दम तोड़ दिया।
कैसे हुई पूरी घटना
परिजनों के मुताबिक, 20 जनवरी को ऋषि अपने एक दोस्त के साथ दीपक नगर गया था। इसी दौरान तीन युवक कार से आए और जबरन ऋषि को उठा ले गए। बदमाश उसे एक होटल में ले गए, जहां दिनभर उसकी पिटाई की गई। शाम के समय उसे छोड़ दिया गया। किसी तरह ऋषि ने अपने दोस्त को फोन कर पूरी घटना बताई और फिर अपने घर पहुंचकर सो गया।अगले दिन 21 जनवरी को जब ऋषि घर लौटा तो उसका चेहरा बुरी तरह सूजा हुआ था। उसने अपनी मां को मारपीट की बात बताई, लेकिन परिवार की आर्थिक कमजोरी और डर के कारण पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। 22 और 23 जनवरी को वह घर पर ही रहा। 23 जनवरी को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी, परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां मामूली इलाज के बाद उसे घर भेज दिया गया।
तबीयत बिगड़ी और मौत
24 जनवरी की सुबह स्थिति अचानक गंभीर हो गई। ऋषि अपने ही परिवार के लोगों को पहचानने में असमर्थ हो गया। घबराए परिजन तुरंत उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने गंभीर ब्रेन इंजरी की पुष्टि की। इलाज के दौरान 25 जनवरी की रात ब्रेन हेमरेज के कारण ऋषि की मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आंतरिक चोटों की पुष्टि हुई, जिसने परिजनों के आरोपों को सच साबित कर दिया।
परिवार का दर्द
ऋषि अपने पिता प्रहलाद निर्मलकर का इकलौता बेटा था। प्रहलाद कपड़ों की प्रेसिंग का काम करते हैं और ऋषि उनका हाथ बंटाता था। बेटे की मौत से परिवार पूरी तरह टूट चुका है।ऋषि के पिता ने रोते हुए कहा, “मेरा इकलौता बेटा था। उसे कुछ पैसों के लिए बेरहमी से मारा गया। हम गरीब हैं, लेकिन इंसाफ चाहते हैं।”वहीं, बहन पायल निर्मलकर सदमे में हैं। उन्होंने कहा, “मेरा भाई मेरा बहुत ख्याल रखता था। आज अपराधी खुले घूम रहे हैं और हमारा परिवार उजड़ गया।”
पुलिस जांच में जुटी
मामले की जांच सिटी कोतवाली पुलिस कर रही है। प्रशिक्षु आईपीएस हर्षित मैहर ने बताया कि इस वारदात में तीन से अधिक आरोपी शामिल हैं। होटल का सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दिया गया है, लेकिन आसपास के कैमरों की जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है और जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है।यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती हिंसा और अपराधियों के बेखौफ होते जा रहे हौसलों की तस्वीर है। अब सवाल यही है कि क्या ऋषि के परिवार को समय पर न्याय मिलेगा, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।




