
रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर सामने आया है। राजधानी रायपुर में 29 जनवरी से तीन दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है, जहां 15 हजार से अधिक रिक्त पदों पर सीधे चयन का मौका मिलेगा। यह मेला न सिर्फ अवसरों के लिहाज से खास है, बल्कि व्यवस्था के मामले में भी पहली बार नया प्रयोग किया जा रहा है।
इस बार रोजगार मेले में प्रवेश पूरी तरह डिजिटल और नियंत्रित व्यवस्था के तहत होगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तर्ज पर अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड के माध्यम से ही प्रवेश दिया जाएगा। बिना ऑनलाइन पंजीकरण और प्रवेश पत्र के किसी को भी मेले में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।
एडमिट कार्ड से आसान और पारदर्शी चयन प्रक्रिया
रोजगार विभाग के अनुसार, ई-रोजगार पोर्टल या मोबाइल एप पर पंजीकरण करने वाले अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड जारी किया जा रहा है। इसमें उम्मीदवार को यह स्पष्ट जानकारी मिलेगी कि उसका इंटरव्यू किस दिन, किस समय और किस कक्ष में होगा। इससे अनावश्यक भीड़, अफरा-तफरी और समय की बर्बादी से बचा जा सकेगा, साथ ही चयन प्रक्रिया भी तेज और पारदर्शी होगी।
युवाओं में जबरदस्त उत्साह
इस रोजगार मेले को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। 20 जनवरी तक 56,608 से अधिक युवाओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। जिलावार आंकड़ों में बिलासपुर सबसे आगे रहा, जहां से 5,211 आवेदन मिले हैं। दुर्ग जिले से 4,142 और रायपुर से 4,092 युवाओं ने पंजीकरण कराया है।
45 से अधिक कंपनियां करेंगी भर्ती
मेले में निजी क्षेत्र की 45 से ज्यादा नामी कंपनियां हिस्सा लेंगी, जो मौके पर ही अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर चयन करेंगी। रोजगार विभाग ने साफ किया है कि सभी अभ्यर्थियों को अपना एडमिट कार्ड अनिवार्य रूप से डाउनलोड कर साथ लाना होगा।
तीन दिन, जिलावार आयोजन
भीड़ नियंत्रण और सुचारू व्यवस्था के लिए मेले को जिलावार विभाजित किया गया है। यह आयोजन शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय (GEC), सेजबहार, रायपुर में सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक होगा।
29 जनवरी: रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, धमतरी, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, गरियाबंद, कोरिया, एमसीबी और सक्ती।
30 जनवरी: दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर, जांजगीर-चांपा, मुंगेली और सारंगढ़-बिलाईगढ़।
31 जनवरी: बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कांकेर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कोंडागांव और नारायणपुर।
राज्य सरकार की यह पहल न सिर्फ युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है, बल्कि रोजगार मेलों की छवि को भी नई, व्यवस्थित और भरोसेमंद पहचान देने की कोशिश है।




