इस महिला कथावाचक की संदिग्ध हालत में मौत.. सुसाइड नोट में किया चौंकाने वाला दावा, किसी ने कर दिया था ये वीडियो लीक

जोधपुर : पश्चिमी राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की बुधवार शाम जोधपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। साध्वी की मौत के करीब चार घंटे बाद उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक कथित सुसाइड नोट पोस्ट किए जाने से मामला और अधिक पेचीदा हो गया है। पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए जांच कर रही है।
तबीयत बिगड़ने की बात आई सामने
प्राप्त जानकारी के अनुसार, साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत बुधवार शाम अचानक बिगड़ गई थी। बताया जा रहा है कि उन्हें बुखार था, जिसके चलते आश्रम में ही एक कंपाउंडर को बुलाकर इंजेक्शन लगवाया गया। उसी दौरान वे निढाल हो गईं और बाद में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत का समय करीब शाम 5:30 बजे बताया जा रहा है। गुरुवार यानी आज पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले में आया नया मोड़
मामले में नया मोड़ तब आया, जब मौत के लगभग चार घंटे बाद साध्वी के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक भावुक पोस्ट सामने आई, जिसे प्रथम दृष्टया सुसाइड नोट माना जा रहा है। पोस्ट में साध्वी ने लिखा, “मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया… मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संतों को पत्र लिखा, अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया, लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था?”
विवाद से जुड़ी हुई थी साध्वी
इस पोस्ट में जिस ‘अग्निपरीक्षा’ का उल्लेख किया गया है, उसे छह महीने पहले हुए एक विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, 13 जुलाई 2025 को साध्वी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे एक व्यक्ति के गले मिलती नजर आई थीं। वीडियो को अश्लील बताकर प्रचारित किया गया। बाद में साध्वी ने 16 जुलाई 2025 को बोरानाडा थाने में एफआईआर दर्ज कराते हुए स्पष्ट किया था कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति उनके पिता और गुरु वीरमनाथ हैं और वीडियो 2021 का है, जब वे अवसाद में थीं।
साध्वी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनके ही पूर्व स्टाफ सदस्यों ने उन्हें ब्लैकमेल किया, चरित्र हनन किया और 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी जोगेंद्र उर्फ जोगाराम को 20 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपी ने रंजिश के चलते वीडियो चुराने और वायरल करने की बात कबूली थी। उसका उद्देश्य न सिर्फ पैसे ऐंठना, बल्कि साध्वी की भागवत कथाओं को रद्द करवाना भी बताया गया।
RLP सांसद हनुमान बेनीवाल ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
इधर, RLP सांसद हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट कर साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को संदिग्ध बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के कारणों को स्पष्ट किया जाएगा।



