
रायपुर : केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्ग में बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह निराशाजनक और दिशाहीन करार दिया। उन्होंने कहा कि इस बजट में न तो कृषि के लिए कोई ठोस प्रावधान है और न ही उद्योगों को मजबूती देने की कोई स्पष्ट योजना दिखाई देती है।
भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने शराब को महंगा और मछली को सस्ता कर दिया, लेकिन विकास की दिशा कहीं नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि मिडिल क्लास को इस बजट से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया। बढ़ती महंगाई के दौर में आयकर में राहत न देना मध्यम वर्ग के साथ अन्याय है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने शेयर बाजार में बजट के तुरंत बाद आई गिरावट का जिक्र करते हुए कहा कि यह बजट की कमजोरी का सबूत है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को बड़े उद्योगपतियों, खासकर अडानी समूह, के भरोसे छोड़ दिया है। बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी नीतियां आम जनता के बजाय कॉर्पोरेट हितों को साधने वाली हैं।
उन्होंने राज्य में अवैध शराब कारोबार बढ़ने और धान खरीदी में किसानों की अनदेखी का मुद्दा भी उठाया। बघेल ने कहा कि डबल इंजन सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं और छोटे किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं।
इधर, रायपुर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष दीपक बैज ने भी बजट को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस बजट में छत्तीसगढ़ के लिए कुछ भी नहीं है और यह राज्य को ठगने जैसा है। बैज के अनुसार, बजट में क्षेत्रीय असमानता साफ झलकती है और जिन राज्यों में आने वाले समय में चुनाव हैं, वहां केंद्र सरकार ने विशेष फोकस किया है।
दीपक बैज ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी यही बात कही गई थी और इस बार भी वही दोहराया गया है, जो पूरी तरह झूठ है। बैज ने आरोप लगाया कि इस बजट ने किसानों को ठगने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम कम नहीं किए और न ही एक्साइज ड्यूटी घटाई, जबकि आम जनता इसकी उम्मीद कर रही थी। बजट आते ही शेयर बाजार गिर गया, क्योंकि न तो महंगाई कम हुई और न ही गरीब आदमी को कोई राहत मिली।
माइनिंग कॉरिडोर को लेकर भी पीसीसी अध्यक्ष ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और केरल में माइनिंग कॉरिडोर बनाकर केंद्र सरकार अपने चहेते उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना चाहती है। उनका आरोप है कि अगले ढाई साल में पूरे छत्तीसगढ़ को बेचने की रणनीति पर काम किया जा रहा है और लगातार खनन से राज्य के संसाधनों को लूटा जा रहा है।
कांग्रेस ने इस बजट को “हम दो, हमारे दो” की संज्ञा दी है। दीपक बैज ने घोषणा की कि छत्तीसगढ़ में माइनिंग कॉरिडोर निर्माण का कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी और जल्द ही प्रदेशभर में इसके खिलाफ प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।



