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कार में बाहर से CNG किट लगवाना पड़ सकता है भारी: वारंटी होगी खत्म, सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल

CNG :  बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों के बीच लोग तेजी से CNG की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि, अपनी कार में बाहर से सीएनजी किट लगवाना आपके लिए आर्थिक और सुरक्षा के लिहाज से घाटे का सौदा साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनी के अलावा बाहर से किट फिट करवाने पर वाहन निर्माता की ओर से मिलने वाली Standard Warranty तुरंत प्रभाव से समाप्त हो जाती है।

वारंटी का गणित: एक गलती और जेब पर पड़ेगा बड़ा बोझ

वाहन निर्माता कंपनियां अपनी कारों पर एक निश्चित समय या किलोमीटर (जैसे 3 साल या 1 लाख किमी) की वारंटी देती हैं। जब आप बाजार से किसी भी प्रकार की सीएनजी किट फिट करवाते हैं, तो कार के मूल इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल स्ट्रक्चर में बदलाव किया जाता है। यही कारण है कि कंपनी वारंटी को शून्य घोषित कर देती है। इसके बाद इंजन, गियरबॉक्स या इलेक्ट्रिकल वायरिंग में आने वाली किसी भी खराबी का पूरा खर्च सीधे तौर पर मालिक को उठाना होगा, जो हजारों-लाखों में हो सकता है।

अनऑथराइज्ड डीलर और घटिया क्वालिटी का खतरा

बाजार में सस्ते के चक्कर में कई लोग अनऑथराइज्ड डीलर से किट लगवा लेते हैं। यह न केवल कानूनी रूप से गलत है, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। अमानक किट में गैस लीकेज और शॉर्ट सर्किट की संभावनाएं अधिक रहती हैं।

“सस्ती और लो-क्वालिटी किट लगवाने से इंजन की लाइफ कम होती है और सुरक्षा से समझौता होता है। हमेशा अप्रूव्ड सेंटर से ही रेट्रोफिटमेंट करानी चाहिए।” — आर.के. सिंह, ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट

सही किट का चुनाव: सर्विस और पार्ट्स की उपलब्धता

बाजार में कई महंगी और विदेशी ब्रांड की किट उपलब्ध हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स ऐसी किट चुनने की सलाह देते हैं जिसकी सर्विसिंग आपके शहर में आसानी से हो सके।

सीक्वेंशियल किट : नई तकनीक वाली कारों के लिए यह सबसे बेहतर विकल्प है क्योंकि यह इंजन के प्रदर्शन को प्रभावित नहीं करती।

पार्ट्स की उपलब्धता: ऐसी कंपनी चुनें जिसके स्पेयर पार्ट्स और फिल्टर्स स्थानीय मार्केट में आसानी से मिल जाएं।

सर्विस नेटवर्क: महंगी किट लगवाने का कोई फायदा नहीं अगर उसकी ट्यूनिंग के लिए आपको दूसरे शहर जाना पड़े।

नागरिकों के लिए सुझाव

यदि आप सीएनजी पर स्विच करना चाहते हैं, तो कोशिश करें कि कंपनी-फिटेड  सीएनजी वाहन ही खरीदें। यदि आप पुरानी कार में किट लगवा रहे हैं, तो केवल RTO ऑथोराइज्ड सेंटर से ही काम करवाएं और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) पर सीएनजी चढ़वाना न भूलें, अन्यथा इंश्योरेंस क्लेम मिलना नामुमकिन होगा।

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