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राज्यसभा में आज PM का महा-संबोधन, भाषण से पहले विपक्ष ने बनाई ये रणनीति…

नई दिल्ली : संसद के दोनों सदनों में गतिरोध चरम पर है। जहां एक ओर राहुल गांधी ने चीन सीमा विवाद और जनरल नरवणे की किताब को लेकर पीएम को घेरा है, वहीं दूसरी ओर महिला सांसदों ने सदन में प्रधानमंत्री की कुर्सी को ही बैनरों से ढक दिया है। आज प्रधानमंत्री इन सभी आरोपों पर अपना पक्ष रख सकते हैं।

संसद के बजट सत्र के दौरान मंगलवार शाम 5 बजे जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो बेहद नाटकीय और अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिले। विपक्षी दलों की महिला सांसदों ने सत्ताधारी नेताओं की कुर्सियों को घेर लिया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुर्सी भी शामिल थी। इन सांसदों के हाथों में बड़े-बड़े बैनर थे, जिन पर “जो सही है, वो करो” लिखा हुआ था।

आज राज्यसभा में बोलेंगे मोदी

यह नारा सीधे तौर पर राहुल गांधी द्वारा जनरल नरवणे की किताब के हवाले से लगाए गए उन आरोपों पर तंज था, जिसमें दावा किया गया था कि चीन घुसपैठ के समय पीएम ने सेना से कहा था- “जो उचित समझो वो करो”। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हंगामे को देखते हुए प्रधानमंत्री आज राज्यसभा में भाषण दे सकते हैं, जबकि लोकसभा में उनके जवाब के बिना ही प्रस्ताव पास होने की संभावना है।

ट्रेड डील और ‘विदेशी एजेंट’ वाले आरोपों पर प्रहार

प्रधानमंत्री अपने संबोधन में भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापारिक समझौते पर विपक्ष के भ्रम को दूर कर सकते हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस समझौते को ‘किसानों के साथ धोखा’ और भाजपा को ‘विदेशियों का एजेंट’ करार दिया है। पीएम मोदी इस पर पलटवार कर सकते हैं।

चीन सीमा विवाद और जनरल नरवणे की किताब

विपक्ष का सबसे बड़ा हमला पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की उस किताब को लेकर है, जिसमें दावा किया गया है कि कैलाश रिज पर तनाव के समय सेना खुद को “अकेला” महसूस कर रही थी । राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री ने अपनी जिम्मेदारी सेना प्रमुख पर डाल दी थी । आज के भाषण में प्रधानमंत्री रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना के बीच हुए संवाद की वास्तविकता को सामने रख सकते हैं।

राज्यसभा में भी हंगामे की तैयारी

बजट सत्र के दौरान कांग्रेस हर मोर्चे पर सरकार को घेरने में जुटी हुई है। लोकसभा में जारी भारी हंगामे के कारण बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण नहीं हो सका। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को दोपहर तीन बजे राज्यसभा में बोल सकते हैं, जिसको लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी का संकेत है कि लोकसभा की तर्ज पर राज्यसभा में भी प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान विरोध दर्ज कराया जाएगा।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि 10 जून 2004 को बीजेपी ने भी तत्कालीन प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलने से रोका था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन दिनों से नेता विपक्ष राहुल गांधी को संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा और वे अपना भाषण पूरा नहीं कर पा रहे हैं।

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