करोड़ों सरकारी कर्मचारियों के लिए बहुत काम की खबर, जल्द लॉन्च होगा नया EPFO ऐप, एक बार में इतनी रकम निकाल सकेंगे सदस्य

नई दिल्ली : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने सदस्यों के लिए एक नई सुविधा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस सुविधा के तहत अब सदस्य अपने प्रोविडेंट फंड (PF) को सीधे UPI के जरिए रियल-टाइम में निकाल सकेंगे। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह फंक्शनैलिटी जल्द ही रिलीज़ के लिए तैयार हो जाएगी और इसका उद्देश्य PF निकालने की प्रक्रिया को तेज, सरल और डिजिटल बनाना है।
ईपीएफ बैलेंस का 75% तक तुरंत निकाल सकेंगे सदस्य
श्रम मंत्रालय एक ऐसे सिस्टम पर काम कर रहा है जिसमें सदस्य अपने ईपीएफ बैलेंस का 75% तक तुरंत निकाल सकेंगे। यह सुविधा न केवल नए मोबाइल ऐप पर उपलब्ध होगी, बल्कि ईपीएफओ के पोर्टल पर भी एक डेडिकेटेड विंडो के जरिए इस्तेमाल की जा सकेगी। इस एप्लिकेशन के लॉन्च की टेंटेटिव टाइमलाइन अप्रैल 2026 बताई जा रही है।
वर्तमान ईपीएफ नियमों के अनुसार, सदस्य तुरंत उपलब्ध बैलेंस का 75% तक निकाल सकते हैं। वहीं, जो सदस्य अपने पेंशन फंड का 100% निकालना चाहते हैं, उन्हें इसके लिए एक वर्ष तक बेरोजगार रहने का प्रमाण देना होता है। नया ऐप इन नियमों को आसान तरीके से लागू करेगा और ट्रांज़ैक्शन को सीधे बैंक अकाउंट में तुरंत भेज देगा।
PF निकालने की प्रक्रिया कैसी होगी?
नए ऐप के जरिए PF निकालने के लिए सबसे पहले सदस्य को विड्रॉल का कारण चुनना होगा, जैसे बीमारी, शिक्षा, शादी या घर खरीदना। इसके बाद, एप्लिकेशन में दिखाया गया एलिजिबल बैलेंस सीधे सदस्य के PF अकाउंट से उनके सेविंग्स बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। ट्रांज़ैक्शन को सब्सक्राइबर के UPI PIN से ऑथेंटिकेट किया जाएगा और पूरा पेमेंट UPI पेमेंट गेटवे के जरिए तुरंत सेटल किया जाएगा।
नया ऐप और पोर्टल विंडो की विशेषताएं
यह नया ऐप मौजूदा यूएएन पोर्टल और UMANG ऐप को सप्लीमेंट करेगा, न कि उन्हें रिप्लेस। सदस्य इस ऐप के जरिए न केवल PF विड्रॉल कर पाएंगे, बल्कि अपना PF पासबुक बैलेंस चेक करने और अकाउंट से जुड़ी अन्य सेवाओं का भी लाभ ले सकेंगे। इस ऐप और पोर्टल विंडो का उद्देश्य सदस्यों के लिए डिजिटल और सुविधाजनक अनुभव सुनिश्चित करना है।
सिस्टम टेस्टिंग और सुरक्षा
EPFO ने सिस्टम को रोलआउट करने से पहले लगभग 100 डमी अकाउंट्स का इस्तेमाल करके टेस्टिंग शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य टेक्निकल गड़बड़ियों को पहचानना और सार्वजनिक लॉन्च से पहले सिस्टम की स्थिरता को बेहतर बनाना है।



