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‘बहादुरी’ का खतरनाक खेल! सरकारी स्कूल में 35 बच्चों ने काट ली कलाइयां, महीने भर बाद खुला मामला

‘बहादुरी’ का खतरनाक खेल! सरकारी स्कूल में 35 बच्चों ने काट ली कलाइयां, महीने भर बाद खुला मामला

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कुरूद ब्लॉक के एक सरकारी मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले 35 बच्चों ने एक-दूसरे की देखा-देखी अपनी कलाइयों को नुकीली वस्तु से जख्मी कर लिया। घटना करीब एक माह पुरानी बताई जा रही है, लेकिन 13 फरवरी को परिजनों की शिकायत के बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में आया, जिससे हड़कंप मच गया। मामला धमतरी जिले के कुरूद ब्लॉक अंतर्गत ग्राम दहदहा स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला का है। यहां छठवीं, सातवीं और आठवीं कक्षा के 35 छात्र-छात्राओं के हाथ में कलाई के पास कट के निशान पाए गए। जांच में सामने आया कि घाव पुराने थे और अधिकांश भर चुके थे।

परिजनों की शिकायत के बाद खुला राज

बताया जा रहा है कि एक छात्र के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से शिकायत की, जिसके बाद अन्य बच्चों के हाथों पर भी कट के निशान देखे गए। प्रारंभिक तौर पर नशे से जुड़ी आशंका जताई गई, लेकिन जांच में मामला अलग निकला।

प्रशासन-पुलिस की संयुक्त जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और एसपी सूरज सिंह परिहार के निर्देश पर शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई। 16 फरवरी को डीएसपी रागिनी तिवारी, तहसीलदार सूरज बंछोर, बीएमओ डॉ. हेमराज देवांगन और बीईओ चंद्र कुमार साहू की टीम स्कूल पहुंची।

ट्रेंड’ की तरह शुरू हुआ खतरनाक चैलेंज

बच्चों की काउंसलिंग मनोचिकित्सक से कराई गई। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि पहले एक छात्र ने अपनी कलाई काटी, फिर बाकी बच्चों ने उसे देखकर वैसा ही किया। इसे उन्होंने ‘बहादुरी’ या ‘चैलेंज’ की तरह लिया। अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना किसी सोशल मीडिया ट्रेंड से जुड़ी है या केवल आपसी देखा-देखी का मामला है, इसकी जांच जारी है।

स्कूलों को अलर्ट रहने के निर्देश

प्रशासन ने जिले के सभी स्कूलों को ऐसी घटनाओं के प्रति सतर्क रहने और बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही छात्रों की नियमित काउंसलिंग और अभिभावकों से संवाद बढ़ाने की बात कही गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं और उनके घाव भर चुके हैं। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

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