आरंगछत्तीसगढ़रायपुर

पलारी में उमड़ा आस्था का जनसैलाब “बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे-मनखे एक समान” के जयघोष के साथ भव्य स्वागत

पलारी में उमड़ा आस्था का जनसैलाब “बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे-मनखे एक समान” के जयघोष के साथ भव्य स्वागत

आरंग/पलारी/लवन : सत्य, अहिंसा और सामाजिक समरसता का संदेश लेकर युवराज गुरु धर्मगुरु गुरु खुशवंत साहेब कैबिनेट मंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नेतृत्व में निकली ‘विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा’ का पलारी पहुंचने पर ऐतिहासिक और अभूतपूर्व स्वागत किया गया। समाजजनों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के अपार उत्साह ने इस यात्रा को एक जन-आंदोलन का रूप दे दिया है। ढोल-नगाड़ों और पंथी नृत्य की गूंज के बीच फूलों की वर्षा कर पदयात्रियों का अभिनंदन किया गया, जो क्षेत्र में एकजुटता और आपसी भाईचारे की एक नई मिसाल पेश कर रहा है।

तृतीय दिवस की यात्रा राजागुरु, धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब जी के सानिध्य में बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे-मनखे एक समान” का आह्वान करते हुए पदयात्रा कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी के नेतृत्व में गिरौदपुरी धाम के लिए आगे बढ़ रही है। गांव गांव में नागरिकगण परम् पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प ले रहे है। गुरु खुशवंत साहेब जी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा: “परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी के आदर्शों से प्रेरित यह यात्रा मात्र एक पदयात्रा बस नहीं है बल्कि जन-जन को हृदय से जोड़ने का अभियान है। आज पूरा हिंदुस्तान एक ही स्वर में ‘मनखे-मनखे एक समान’ का संदेश उद्घोष कर रहा है। सद्भाव, समानता और संगठन की जो ज्योति हमने जलाई है, वह अब छत्तीसगढ़ के हर गांव और हर घर की चौखट तक पहुँच चुकी है।”

चौथे दिन की यात्रा का आगाज़ पलारी से हुआ। भक्ति और उत्साह के साथ पदयात्री अमेरा, कंजी और डोटोपार जैसे ग्रामीण अंचलों से होते हुए गुज़रेगा। वही यात्रा का चौथा दिन नगर पंचायत लवन में समाप्त होगा, जहाँ सामूहिक भोज और रात्रि विश्राम का आयोजन किया गया है। यहाँ भी गुरु दर्शन के लिए बड़ी संख्या में अनुयायियों के जुटने की संभावना है।

अंतिम पड़ाव (पंचम दिवस): पांचवें दिन यात्रा लवन से प्रस्थान कर बाबा गुरु घासीदास जी की पावन तपोभूमि, पवित्र गिरौदपुरी धाम पहुँचेगी। इस भव्य पदयात्रा का समापन गिरौदपुरी धाम में गुरु के चरणों में मत्था टेकने और आशीर्वाद प्राप्त करने के साथ होगा। यात्रा मार्ग में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ता मुस्तैद हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button