छत्तीसगढ़बिलासपुर

घूसखोर अफसर गिरफ्तार : 90 हजार रुपये रिश्वत लेते फूड इंस्पेक्टर गिरफ्तार, दुकान आवंटन के एवज में मांग रहा था घूस

बिलासपुर । भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बिलासपुर में बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने मस्तूरी क्षेत्र के एक फूड इंस्पेक्टर को 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी फूड इंस्पेक्टर पर शासकीय उचित मूल्य की दुकान स्व सहायता समूह को आबंटित कराने के नाम पर एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी ने रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

यह मामला मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम विद्याडीह से जुड़ा है। ग्राम विद्याडीह निवासी महेंद्र पटेल ने तीन फरवरी को एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में महेंद्र पटेल ने बताया कि गांव की शासकीय उचित मूल्य की दुकान वर्तमान में पंचायत के माध्यम से संचालित हो रही है। उक्त दुकान को शैल स्व सहायता समूह विद्याडीह को आबंटित कराने के लिए लगभग तीन महीने पहले एसडीएम कार्यालय मस्तूरी में आवेदन प्रस्तुत किया गया था।

शिकायत के अनुसार, स्व सहायता समूह के पदाधिकारियों ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए महेंद्र पटेल को संबंधित फूड इंस्पेक्टर श्याम वस्त्रकार से संपर्क करने की सलाह दी। जब महेंद्र पटेल ने फूड इंस्पेक्टर से मुलाकात की, तो आरोप है कि उन्होंने एसडीएम के समक्ष जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने और दुकान आबंटन का आदेश जारी करवाने के बदले एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की।

महेंद्र पटेल रिश्वत देना नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने मामले की शिकायत एसीबी से की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। जांच के दौरान शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार की।

तय रणनीति के तहत 21 फरवरी को शिकायतकर्ता महेंद्र पटेल को आरोपित अधिकारी को रिश्वत की रकम देने भेजा गया। योजना के अनुसार महेंद्र पटेल ने 90 हजार रुपये आरोपी फूड इंस्पेक्टर को सौंपे। जैसे ही आरोपी ने रकम स्वीकार की, एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तिफरा स्थित महावीर सिटी में आरोपी के आवास पर दबिश दी और उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की पूरी रकम जब्त कर ली।

एसीबी अधिकारियों के अनुसार आरोपी फूड इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही उसके आवास की तलाशी भी ली जा रही है, ताकि आय से अधिक संपत्ति या अन्य साक्ष्य मिलने की संभावना की जांच की जा सके।

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