
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर ने गिग वर्करों के हालात पर सवाल उठाए। अजय चंद्राकर ने मंत्री लखनलाल देवांगन से पूछा कि प्रदेश में स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकइट, रैपिडो जैसी कंपनियों के कितने गिग वर्कर कार्यरत हैं, और उनके लिए क्या नियम-निर्देश हैं।
मंत्री लखनलाल देवांगन ने सदन में बताया कि प्रदेश में इन कंपनियों का श्रम विभाग में पंजीकरण नहीं है। इसलिए गिग वर्करों की संख्या और उनके वेतन, समयावधि या सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि गिग वर्करों की सामाजिक सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर “सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020” लागू की गई है और भारत सरकार इसके लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा मंडल का गठन कर चुकी है।विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2020 में अधिनियम बनाया, लेकिन नियम अभी तक नहीं बने हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि जैसे कई राज्यों ने गिग वर्करों और आउटसोर्सिंग के लिए कानून बनाए हैं, छत्तीसगढ़ में भी इस पर पहल की जानी चाहिए।
मंत्री देवांगन ने जवाब दिया कि अभी तक किसी भी राज्य ने नियम लागू नहीं किए हैं, लेकिन जैसे ही केंद्र सरकार नियम बनाएगी, छत्तीसगढ़ में भी उन्हें लागू किया जाएगा। अजय चंद्राकर ने कहा कि यदि राज्य स्वयं नियम लागू कर दे तो यह सकारात्मक संदेश जाएगा।



