आखिर 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है यह खास दिन? जानें इतिहास और इस साल की थीम

नई दिल्ली : दुनिया भर में आज, 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाने और लैंगिक समानता (Gender Equality) के प्रति एकजुटता दिखाने का अवसर है।यह दिन महिलाओं की आवाज और उनके लचीलेपन का वैश्विक प्रतीक बन चुका है
8 मार्च का ऐतिहासिक महत्व
महिला दिवस के लिए 8 मार्च की तारीख चुनने के पीछे एक गहरा संघर्ष छिपा है। इसकी जड़ें 1917 की रूसी क्रांति से जुड़ी हैं, जब रूसी महिलाओं ने “ब्रेड एंड पीस” (रोटी और शांति) की मांग को लेकर विशाल हड़ताल की थी। तत्कालीन जूलियन कैलेंडर के अनुसार वह दिन 23 फरवरी था, लेकिन ग्रेगोरियन कैलेंडर में वह 8 मार्च था। महिलाओं के इस अदम्य साहस को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने 1975 में आधिकारिक तौर पर इस दिन को मान्यता दी।
महिला दिवस 2026 की थीम
इस साल यानी 2026 में संयुक्त राष्ट्र (UN Women) ने एक सशक्त थीम निर्धारित की है— “Rights. Justice. Action. For ALL Women and Girls” (अधिकार। न्याय। कार्रवाई। सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए)। यह थीम केवल कागजी अधिकारों तक सीमित न रहकर, महिलाओं को वास्तविक न्याय दिलाने और उनके खिलाफ होने वाले भेदभावपूर्ण कानूनों को खत्म करने पर जोर देती है।
आज का दिन हमें याद दिलाता है कि एक सशक्त समाज तभी संभव है, जब महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिले।



