
कार्यकर्ता और एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रन सिंह परमार का आकस्मिक निधन, देशभर में शोक की लहर…
तिल्दा। जानकारी के अनुसार डॉ. रन सिंह परमार तिल्दा में गांधीवादी नेता राजगोपाल पी.वी. और एकता परिषद के वरिष्ठ साथियों के साथ एक बैठक में शामिल होने पहुंचे थे, इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उनका निधन हो गया।
डॉ. परमार पिछले करीब 50 वर्षों से जल, जंगल और जमीन पर समुदाय के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे। वे नेशनल यूथ प्रोजेक्ट के राष्ट्रीय महासचिव, महात्मा गांधी सेवा आश्रम जौरा के सचिव और भोपाल स्थित गांधी भवन के ट्रस्टी भी रहे।
मुरैना में जन्मे डॉ. परमार ने प्रसिद्ध गांधीवादी डॉ. एस.एन. सुब्बाराव के मार्गदर्शन में सामाजिक आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई। चंबल क्षेत्र में बागियों के आत्मसमर्पण की प्रक्रिया में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
बताया जा रहा है कि बीते रात 12 बजे उनके पार्थिव शरीर को तिल्दा से सड़क मार्ग के जरिए ग्वालियर स्थित महात्मा गांधी सेवा आश्रम ले जाया गया ,जहां सुबह श्रद्धांजलि सभा के बाद अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव मृगपुरा, जिला मुरैना ले जाया गया।
डॉ. रन सिंह परमार के निधन को सामाजिक आंदोलनों के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। देशभर के सामाजिक कार्यकर्ता और गांधीवादी संगठनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।



