
बिलासपुर : सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ राज्य के 8500 होमगार्ड के जवानों के पक्ष में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। न्यायालय ने ‘समान काम-समान वेतन’ के सिद्धांत के आधार पर नगर सैनिकों को पुलिस कर्मियों के समकक्ष वेतन और अन्य सुविधाएं प्रदान करने का आदेश राज्य सरकार को दिया है।
इसके साथ ही, शासन द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को खारिज करते हुए इस आदेश का पालन तीन महीने के भीतर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है
32 हजार तक है नगर सैनिक का मानदेय
नगर सैनिकों को दैनिक मजदूरी के आधार पर भुगतान किया जाता है, जो वर्तमान में लगभग 774 रुपये प्रतिदिन (लगभग 23,000 रुपये प्रतिमाह) और भत्तों को मिलाकर 33,200 तक पहुंच जाता है। उन्हें दैनिक मानदेय में महंगाई भत्ता जोड़कर दिया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महंगाई भत्ते में भी इजाफा होगा।
समान वेतनमान की मांग की थी
साल 2022 में बिलासपुर जिले में कार्यरत होमगार्ड ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर समान काम के लिए समान वेतनमान की मांग की थी। उच्च न्यायालय ने याचिका को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को समान वेतनमान देने का निर्देश दिया था।



