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तेल के लिए दूसरों पर निर्भर भारत बनेगा किसी और का सहारा? इस देश को सप्लाई करेगा इतने टन डीजल, अभी देश में ऐसे हैं हालात

नई दि्ल्ली : भारत और बांग्लादेश के बीच ऊर्जा सहयोग एक बार फिर गति पकड़ता दिखाई दे रहा है। बांग्लादेश ने भारत से करीब 45 हजार टन डीजल खरीदने का फैसला किया है, जिसकी सप्लाई पाइपलाइन के जरिए की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, अप्रैल तक चरणबद्ध तरीके से यह डीजल बांग्लादेश भेजा जाएगा। इस समझौते के तहत पहली खेप के रूप में करीब 5 हजार टन डीजल पहले ही बांग्लादेश पहुंच चुका है, जिससे वहां की ऊर्जा जरूरतों को कुछ राहत मिली है। दोनों देशों के बीच यह आपूर्ति पाइपलाइन के जरिए की जा रही है, जिससे परिवहन लागत कम होने के साथ-साथ डिलीवरी भी तेजी से हो रही है।

भारत से 45 हजार टन डीजल खरीदेगा बांग्लादेश

अधिकारियों के अनुसार, डीजल की अगली खेप 18 या 19 मार्च तक बांग्लादेश पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद भी क्रमवार तरीके से डीजल भेजा जाएगा ताकि तय मात्रा पूरी की जा सके। ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि भारत और बांग्लादेश के बीच पाइपलाइन के जरिए ईंधन आपूर्ति दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। इससे बांग्लादेश को समय पर ईंधन मिल रहा है, वहीं भारत के लिए भी यह ऊर्जा निर्यात बढ़ाने का अवसर बन रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में डीजल की और खेप भी इसी पाइपलाइन से भेजी जा सकती है, जिससे आपूर्ति लगातार जारी रहेगी।

बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद रुकी थी सप्लाई

गौरतलब है कि बांग्लादेश में हाल ही में हुए तख्तापलट के बाद कुछ समय के लिए डीजल की आपूर्ति रुक गई थी। उस समय राजनीतिक अस्थिरता के कारण ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े कई फैसलों पर असर पड़ा था। हालांकि अब तारिक रहमान की सरकार आने के बाद स्थिति बदल गई है और दोनों देशों के बीच फिर से आपूर्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नई सरकार के गठन के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच ऊर्जा सहयोग को फिर से मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इसी के तहत अब पाइपलाइन के जरिए डीजल की आपूर्ति दोबारा शुरू हुई है और अप्रैल तक कुल 45 हजार टन डीजल बांग्लादेश पहुंचाने की योजना पर काम किया जा रहा है।

भारत में कैसे हैं हालात

मध्य-पूर्व में चल रहे Iran–Israel conflict और अमेरिका की सैन्य गतिविधियों के बीच भारत में कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर उठ रही चिंताओं पर सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक India के पास इस समय कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का 25 करोड़ बैरल (करीब 4,000 करोड़ लीटर) से ज्यादा का सुरक्षित स्टॉक मौजूद है। यह भंडार इतना पर्याप्त है कि यदि किसी कारणवश वैश्विक सप्लाई पूरी तरह बाधित भी हो जाए, तो भी देश की ऊर्जा आपूर्ति प्रणाली लगभग 7 से 8 सप्ताह तक बिना किसी बड़ी समस्या के चल सकती है। अधिकारियों के अनुसार इस स्टॉक में कच्चे तेल के साथ-साथ पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद भी शामिल हैं, जिससे आम लोगों को फिलहाल किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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