छत्तीसगढ़दुर्ग

10 साल की बच्ची ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, भाई से विवाद के बाद उठाया ये कदम

भिलाई। जिले के जामुल थाना क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां महज 10 साल की बच्ची ने मामूली बात पर अपनी जिंदगी खत्म कर ली। यह घटना न केवल परिवार बल्कि पूरे इलाके के लिए गहरा सदमा बन गई है। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें और खिलौने होने चाहिए, उस उम्र में एक मासूम ने फांसी का फंदा चुन लिया।

भाई-बहन के विवाद ने लिया खौफनाक मोड़

जानकारी के मुताबिक, गणेश नगर वार्ड-5 निवासी गुरप्रीत कौर उर्फ खुशी, जो कक्षा चौथी की छात्रा थी, अपने घर में भाई के साथ मौजूद थी। इसी दौरान किसी छोटी सी बात को लेकर भाई-बहन के बीच विवाद हो गया। बड़े भाई की डांट से बच्ची बेहद आहत हो गई।बताया जा रहा है कि इस डांट को वह सहन नहीं कर पाई और गुस्से व दुख में आकर उसने ऐसा खौफनाक कदम उठा लिया।

घर में अकेली थी मासूम, माता-पिता थे बाहर

घटना के समय घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था। बच्ची के पिता ड्राइवर हैं, जबकि मां ब्यूटी पार्लर में काम करती हैं। दोनों ही अपने-अपने काम से बाहर गए हुए थे। घर में सिर्फ बच्ची और उसका भाई मौजूद थे। इसी दौरान विवाद के बाद बच्ची कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।

टेबल लगाकर बनाई मौत की तैयारी

पड़ोसियों के अनुसार, बच्ची ने कमरे के अंदर टेबल लगाई और चुनरी के सहारे पंखे से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। काफी देर तक जब दरवाजा नहीं खुला, तो आसपास के लोगों को शक हुआ। दरवाजा खोलने पर बच्ची को फंदे से लटका पाया गया।परिजन और पड़ोसी तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

स्कूल और मोहल्ले में पसरा मातम

गुरप्रीत कौर उर्फ खुशी स्वामी आत्मानंद स्कूल जामुल में कक्षा चौथी की छात्रा थी। उसकी मौत की खबर मिलते ही स्कूल और मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। हर कोई इस घटना से स्तब्ध है और यही सवाल कर रहा है कि इतनी छोटी उम्र में बच्ची ने इतना बड़ा कदम कैसे उठा लिया।

पुलिस जांच में जुटी, मर्ग कायम

जामुल पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या बच्ची किसी मानसिक दबाव में थी या यह पूरी तरह से भावनात्मक आवेग में लिया गया कदम था।यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। बच्चों की मानसिक स्थिति और उनकी भावनाओं को समझना आज के समय में बेहद जरूरी हो गया है। छोटी-छोटी बातें बच्चों के मन पर गहरा असर डाल सकती हैं, जिसका परिणाम कभी-कभी बेहद भयावह हो सकता है।

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