
तिल्दा। विश्व वानिकी दिवस पर रायपुर के मोहरेंगा नेचर सफारी में विकास और प्रकृति का संगम देखने को मिला… 500 हेक्टेयर में फैले इस इको-टूरिज्म स्पॉट पर वन मंत्री केदार कश्यप ने नवनिर्मित संरचनाओं का लोकार्पण किया… और इसे पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा संदेश दिया।

तिल्दा-खरोरा मार्ग पर स्थित मोहरेंगा नेचर सफारी राजधानी से करीब 45 किलोमीटर दूर अब तेजी से इको-टूरिज्म हब के रूप में उभर रही है चारों ओर फेंसिंग से सुरक्षित यह क्षेत्र जैव विविधता और प्राकृतिक संपदा से भरपूर है।

सफारी में पर्यटकों के लिए गार्डन, किड्स प्ले एरिया, सुसज्जित कॉटेज और तालाब जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं जहां प्रकृति के बीच ठहरने और सुकून का अनुभव मिल सके साथ ही रेस्टोरेंट, किचन और डाइनिंग एरिया में प्राकृतिक नजारों के साथ भोजन का आनंद भी लिया जा सकता है। वांच टॉवर और वाटर स्टोरेज टैंक जैसी संरचनाएं न सिर्फ आकर्षण का केंद्र हैं बल्कि यहां से वन्यजीवों की निगरानी और प्राकृतिक दृश्यों का विहंगम अवलोकन भी संभव है।

विश्व वानिकी दिवस के मौके पर आयोजित इस समारोह में वन मंत्री केदार कश्यप ने इन सभी संरचनाओं का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा, विधायक अनुज शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
मोहरेंगा नेचर सफारी को विकसित कर सरकार जहां एक ओर पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है… वहीं वन संरक्षण और पर्यावरण संतुलन का संदेश भी देने की कोशिश की जा रही है।



