कोरबाछत्तीसगढ़

कोरबा में विद्युत वितरण विभाग के SE और EE सस्पेंड, MD के आदेश की अनदेखी पड़ गयी भारी, विभाग में मचा हड़कंप

कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण विभाग के एक्शन से कोरबा में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि विद्युत वितरण विभाग के एमडी भीम के निर्देशों की अनदेखी करना दो दो इंजीनियर को भारी पड़ गया। लिहाजा मुख्य अभियंता के आदेश पर कोरबा के अधीक्षण अभियंता और कटघोरा के कार्यपालन अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के इस आदेश के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

जानकारी के मुताबिक 23 मार्च को जारी निलंबन के इस आदेश के बाद कोरबा में चर्चाओं का दौर जारी है। विभागीय सूत्रों की माने तो पिछले दिनों 10 मार्च को विद्युत वितरण विभाग के एमडी भीम सिंह कोरबा प्रवास पर थे। कोरबा में दौरे के दौरान उन्होने दूधीटांगर में भूमिपूजन कार्यक्रम के शामिल होने के बाद लेमरू क्षेत्र के देवपहरी गांव पहुंचे। जहां ग्रामीणों और आदिवासी छात्रों ने लो वोल्टेज और बार-बार कटने की गंभीर समस्या बताई। इस शिकायत को एमडी ने गंभीरता से लिया और मौके पर ही अधिकारियों को गांव तक 11 केवी लाइन विस्तार के लिए निर्देश दिये।

साथ ही तत्काल प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजने की बात कही, ताकि जल्द स्वीकृति मिल सके। बताया जा रहा है कि कटघोरा वितरण विभाग के कार्यपालन अभियंता अंशु वार्ष्णेय ने प्रस्ताव तैयार कर अधीक्षण अभियंता बी.के. सरकार को सौंप दिया था। लेकिन इसके एमडी भीम सिंह के निर्देश के मुताबिक फाइल को रफ्तार नहीं दी जा सकी। लिहाजा फाइल एक सप्ताह तक मुख्यालय ही नहीं पहुच सका। उधर इस पूरे मामले पर जब एमडी ने कार्य की प्रगति की समीक्षा की, तो जवाबदार अधिकारियों की लापरवाही सामने आ गयी।

बताया जा रहा है कि जनहित के मुद्दे पर अधिकारियों की इस गंभीर लापरवाही पर एमडी ने न केवल गहरी नाराजगी जतायी, बल्कि आदेश की अवहेलना पर एमडी ने दोनों अधिकारियों को सस्पेंड करने का कड़ा फैसला लिया गया। फिर क्या था एमडी की नाराजगी सामने आते ही आनन-फानन में दोनों अभियंताओं के निलंबन का आदेश तत्काल जारी किया गया। उधर इस निलंबन आदेश के साथ ही वनांचल ग्राम देवपहरी तक 11 केवी लाइन जल्द से जल्द बिछाने के निर्देश भी दिए गए। वहीं इस कार्रवाई के बाद पूरे विद्युत वितरण विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि विभाग के इस एक्शन के बाद टाल मटोल करने वाले अधिकारियों में भी जवाबदेही को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button